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विवाहिता का सौदा कर रहे आठ दबोचे
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा
Updated Fri, 01 Jan 2016 10:48 PM IST
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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने महिलाओं की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यूपी की एक विवाहिता को गिरोह के चंगुल से छुड़ाकर रीड्स पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने दो महिलाओं समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
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बीती रात्रि कुछ लोगों द्वारा एक विवाहिता को बेचने की सूचना मिलने पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी एसआई मंजू पांडेय, एचसी रवि जोशी, भुवन राना, लक्ष्मण चंद और कांस्टेबल गणेश सिंह ने कब्रिस्तान के पास डेरा जमाया। एक झाले में विवाहिता के होने का पता चला। इसी बीच एक वाहन से पांच लोग निकलकर आए और वहां पहले से मौजूद तीन अन्य लोगों से 40 हजार में विवाहिता का सौदा करने लगे। यह लोग 15 हजार रुपये बयाना दे चुके थे। यूनिट ने पुलिस के सहयोग से विवाहिता को बेचने और खरीदने वाले गिरोह को दबोच लिया।
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विवाहिता को बेचने वाली स्थानीय सुनीता नाथ और रमेश कुमार के अलावा खरीदने वाले नवाबगंज बरेली निवासी शराफत हुसैन, नरेश पटेल, कुंवर सेन, श्याम चरण, पुत्तूलाल और सोनी बृजवासी को आईपीसी की धारा 370 (2), 34, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका के चलते पुलिस महिलाओं की खरीद-फरोख्त करने वाले बड़े गिरोह की तलाश में है। गिरोह सदस्यों की तलाश में अन्य राज्यों में भी दबिश दी जाएगी।
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पीड़िता को किया पुनर्वास केंद्र के सुपुर्द
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी मंजू पांडेय ने बताया कि पीड़िता महिला अपने रिश्तेदार के साथ पूर्णागिरि मंदिर दर्शन के लिए आई थी। वो विवाहिता है, किंतु अपने पति के साथ नहीं रहती है। स्थानीय महिला ने अच्छे घर में शादी कराने की बात कहकर उसे रोक लिया था। फिलहाल उसे रीड्स संस्था के पुनर्वास केंद्र में रखा गया है। न्यायालय के निर्देश पर उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।