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धार्मिक स्थानों पर मांस, शराब प्रतिबंधित करने की मांग
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बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति सदस्यों ने श्री पूर्णागिरि धाम समेत क्षेत्र के सभी धार्मिक स्थलों पर मांस और शराब को प्रतिबंधित करने की मांग की है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर पिकनिक मनाने को भी गलत परंपरा बताया। उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया है।
मां पूर्णागिरि धाम और खिलबितिया महादेव मंदिर क्षेत्र में मांस और शराब के सेवन पर रोक लगाने को लेकर गौरव सेनानी कल्याण समिति सदस्यों ने मुहिम शुरू की है।
यहां हुई बैठक में कहा गया कि धार्मिक स्थलों पर आस्था के अनुरूप पूजा अर्चना ही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम के आसपास और खिलबितिया महादेव मंदिर में बकरे, मुर्गों आदि के कटने, उनके सेवन और शराब पीने पर रोक लगाई जानी चाहिए।
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शराब सेवन रोकने के बाद कई बार धार्मिक स्थलों पर होने वाली मारपीट जैसी वारदातों से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने मां पूर्णागिरि धाम के आसपास पिकनिक मनाने, मांस और शराब के सेवन को रोकने की मांग की है।
बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद, संचालन पुष्कर कापड़ी ने किया। बैठक में कै. हरीश कापड़ी, कै. परमांनंद कापड़ी, कै. रामचंद्र भट्ट, बीबी पांडेय, चंद्रशेखर चंद आदि मौजूद थे।
बनबसा मेला क्षेत्र में मांस बिक्री पर रोक
बनबसा (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले के दौरान बनबसा मेला क्षेत्र में मछली और मांस की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। मछली ठेकेदार द्वारा केवल अपने झाले की चौकीदारी ही की जाएगी। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि बनबसा मेला क्षेत्र में तालाब के निकट मछली ठेकेदार को पूर्णागिरि मेले के दौरान मछली और मांस बेचने से मना किया गया है।
बता दें कि कई संगठनों ने मेले के दौरान वहां मछली और मांस बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। बता दें कि मछली ठेकेदार के झाले के निकट पेयजल व्यवस्था हो और पेड़ों की छाया होने से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालु वहां सात्विक भोजन भी पकाते हैं।
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मां पूर्णागिरि धाम और खिलबितिया महादेव मंदिर क्षेत्र में मांस और शराब के सेवन पर रोक लगाने को लेकर गौरव सेनानी कल्याण समिति सदस्यों ने मुहिम शुरू की है।
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यहां हुई बैठक में कहा गया कि धार्मिक स्थलों पर आस्था के अनुरूप पूजा अर्चना ही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम के आसपास और खिलबितिया महादेव मंदिर में बकरे, मुर्गों आदि के कटने, उनके सेवन और शराब पीने पर रोक लगाई जानी चाहिए।
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शराब सेवन रोकने के बाद कई बार धार्मिक स्थलों पर होने वाली मारपीट जैसी वारदातों से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने मां पूर्णागिरि धाम के आसपास पिकनिक मनाने, मांस और शराब के सेवन को रोकने की मांग की है।
बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद, संचालन पुष्कर कापड़ी ने किया। बैठक में कै. हरीश कापड़ी, कै. परमांनंद कापड़ी, कै. रामचंद्र भट्ट, बीबी पांडेय, चंद्रशेखर चंद आदि मौजूद थे।
बनबसा मेला क्षेत्र में मांस बिक्री पर रोक
बनबसा (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले के दौरान बनबसा मेला क्षेत्र में मछली और मांस की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। मछली ठेकेदार द्वारा केवल अपने झाले की चौकीदारी ही की जाएगी। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि बनबसा मेला क्षेत्र में तालाब के निकट मछली ठेकेदार को पूर्णागिरि मेले के दौरान मछली और मांस बेचने से मना किया गया है।
बता दें कि कई संगठनों ने मेले के दौरान वहां मछली और मांस बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। बता दें कि मछली ठेकेदार के झाले के निकट पेयजल व्यवस्था हो और पेड़ों की छाया होने से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालु वहां सात्विक भोजन भी पकाते हैं।