{"_id":"59cd354d4f1c1b7a548b4c56","slug":"141506620749-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चतुर्वेदी ने डीएफओ गुप्ता प्रकरण की जांच शुरू की","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चतुर्वेदी ने डीएफओ गुप्ता प्रकरण की जांच शुरू की
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। चंपावत में तीन कार्यकाल में करीब छह वर्ष प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रहे अशोक कुमार गुप्ता के दौरान हुई लीसा निकासी सहित विभिन्न मसलों की जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने जांच शुरू कर दी है। वन विभाग के एक रेंजर सहित पांच कर्मियों से पूछताछ की जा चुकी है।
जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए पांचों वन कर्मियों को हल्द्वानी कार्यालय बुलाया। उन्होंने पूछताछ किए कर्मियों के नामों की जानकारी तो नहीं दी, मगर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक भिंगराड़ा के वन क्षेत्राधिकारी हिमालय सिंह टोलिया, चंपावत डीएफओ कार्यालय के निलंबित लिपिक प्रकाश महरा, चल्थी वन चौकी के कर्मी किशननाथ, बस्टिया चौकी के सुरेश प्रसाद और निकासी करने वाले भुवन चंद्र जोशी से पूछताछ की जा चुकी है।
जांच अधिकारी ने बताया कि डीएफओ गुप्ता के छह वर्ष के कार्यकाल में गड़बड़ी की आशंका वाले सभी मामलों की जांच की जाएगी। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से संदिग्ध प्रतीत होने वाले अधिकारी-कर्मचारी से पूछताछ की जाएगी। गड़बड़ी में दोषी पाए अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच को जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। जांच अधिकारी ने फोन पर बताया कि वे भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों के परीक्षण के लिए शीघ्र ही चंपावत आएंगे।
विज्ञापन
लीसे के टिन में कथित रूप से कमीशन मांगने संबंधी ऑडियो क्लीपिंग के वायरल होने के बाद डीएफओ गुप्ता को यहां से 23 सितंबर को हटाते हुए उत्तराखंड प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय संबद्ध किया गया था। भारतीय वन सेवा के बेहद ईमानदार अफसर व रैमन मैगससे पुरस्कार विजेता संजीव चतुर्वेदी को शासन ने इस मामले में जांच अधिकारी बनाया है।
जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए पांचों वन कर्मियों को हल्द्वानी कार्यालय बुलाया। उन्होंने पूछताछ किए कर्मियों के नामों की जानकारी तो नहीं दी, मगर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक भिंगराड़ा के वन क्षेत्राधिकारी हिमालय सिंह टोलिया, चंपावत डीएफओ कार्यालय के निलंबित लिपिक प्रकाश महरा, चल्थी वन चौकी के कर्मी किशननाथ, बस्टिया चौकी के सुरेश प्रसाद और निकासी करने वाले भुवन चंद्र जोशी से पूछताछ की जा चुकी है।
विज्ञापन
जांच अधिकारी ने बताया कि डीएफओ गुप्ता के छह वर्ष के कार्यकाल में गड़बड़ी की आशंका वाले सभी मामलों की जांच की जाएगी। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से संदिग्ध प्रतीत होने वाले अधिकारी-कर्मचारी से पूछताछ की जाएगी। गड़बड़ी में दोषी पाए अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच को जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। जांच अधिकारी ने फोन पर बताया कि वे भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों के परीक्षण के लिए शीघ्र ही चंपावत आएंगे।
विज्ञापन
लीसे के टिन में कथित रूप से कमीशन मांगने संबंधी ऑडियो क्लीपिंग के वायरल होने के बाद डीएफओ गुप्ता को यहां से 23 सितंबर को हटाते हुए उत्तराखंड प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय संबद्ध किया गया था। भारतीय वन सेवा के बेहद ईमानदार अफसर व रैमन मैगससे पुरस्कार विजेता संजीव चतुर्वेदी को शासन ने इस मामले में जांच अधिकारी बनाया है।