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मनमानी को लेकर कांग्रेसियों का पारा चढ़ा
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Mon, 08 Jan 2018 10:40 PM IST
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चंपावत में डीएम को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक बन रही बारहमासी सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी, निर्माण कंपनियों की मनमानी के खिलाफ कांग्रेसियों का भी पारा चढ़ गया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बारहमासी सड़क में हो रही मनमानी के विरोध में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि निर्माणाधीन सड़क में डंपिंग जोन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। रात में सड़क निर्माण के दौरान मार्ग बंद रखने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोड कटिंग के दौरान वन विभाग की संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, ग्रामीणों के पैदल मार्ग, जल स्रोत मलबे से पाटे जा रहे हैं, वन निगम द्वारा काटे गए पेड़ों को सड़क से न उठाने से दुर्घटना की आशंका है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना कटिंग पूर्ण हुए ही दीवारों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों की नाप भूमि में मलबा डाला जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह देव, उमेश खर्कवाल के नेतृत्व में नारेबाजी की। इनमें छात्रसंघ अध्यक्ष नाथ सिंह बोहरा, नवीन बिष्ट, दीपांशु चतुर्वेदी, ललित देव, राजेश जोशी, नगर अध्यक्ष विजय वर्मा, पूर्व प्रधान विपिन जोशी, प्रेमबल्लभ भट्ट, विमल पांडेय, अभिषेक गंगोला आदि शामिल रहे।
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बस्टिया गूंठ के ग्रामीणों ने भी डीएम को सौंपा ज्ञापन
चंपावत। बारहमासी सड़क चौड़ीकरण में ग्रामीणों के रास्ते बंद होने, कई योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत को लेकर बस्टिया गूंठ के ग्रामीणों ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्राम प्रधान नारायण दत्त भट्ट की अगुवाई में दिए ज्ञापन में कहा गया है कि मलबे से बस्टिया गूंठ, मझेड़ा के बीच आवागमन के रास्ते कट गए हैं। सीसी, खड़ंजा मार्ग भी मलबे की भेंट चढ़ गया है। बस्टिया गूंठ से जीआईसी धौन जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि निर्माणाधीन सड़क में डंपिंग जोन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। रात में सड़क निर्माण के दौरान मार्ग बंद रखने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोड कटिंग के दौरान वन विभाग की संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, ग्रामीणों के पैदल मार्ग, जल स्रोत मलबे से पाटे जा रहे हैं, वन निगम द्वारा काटे गए पेड़ों को सड़क से न उठाने से दुर्घटना की आशंका है।
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कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना कटिंग पूर्ण हुए ही दीवारों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों की नाप भूमि में मलबा डाला जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह देव, उमेश खर्कवाल के नेतृत्व में नारेबाजी की। इनमें छात्रसंघ अध्यक्ष नाथ सिंह बोहरा, नवीन बिष्ट, दीपांशु चतुर्वेदी, ललित देव, राजेश जोशी, नगर अध्यक्ष विजय वर्मा, पूर्व प्रधान विपिन जोशी, प्रेमबल्लभ भट्ट, विमल पांडेय, अभिषेक गंगोला आदि शामिल रहे।
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बस्टिया गूंठ के ग्रामीणों ने भी डीएम को सौंपा ज्ञापन
चंपावत। बारहमासी सड़क चौड़ीकरण में ग्रामीणों के रास्ते बंद होने, कई योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत को लेकर बस्टिया गूंठ के ग्रामीणों ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्राम प्रधान नारायण दत्त भट्ट की अगुवाई में दिए ज्ञापन में कहा गया है कि मलबे से बस्टिया गूंठ, मझेड़ा के बीच आवागमन के रास्ते कट गए हैं। सीसी, खड़ंजा मार्ग भी मलबे की भेंट चढ़ गया है। बस्टिया गूंठ से जीआईसी धौन जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।