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टनकपुर जीजीआईसी के पुराने भवन में फिर से शुरू होंगी कक्षाएं
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अटल उत्कृष्ट जीजीआईसी टनकपुर का जीर्णशीर्ण भवन। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। चंपावत ब्लॉक का अकेला अटल उत्कृष्ट जीजीआईसी टनकपुर में है। अब एक बार फिर से इस कॉलेज के पुराने भवन में छठी से आठवीं तक की कक्षाओं को शुरू किया जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने पहल शुरू कर दी है। इससे पूर्व जीर्णशीर्ण इस भवन की मरम्मत कराई जाएगी।
वर्ष 2003 से टनकपुर जीजीआईसी का शिक्षण कार्य स्टेडियम के पास अपने नए भवन से हो रहा है। वहीं 2004 से दिसंबर 2015 तक थाने के पास स्थित जीजीआईसी के पुराने भवन में डिग्री कॉलेज की कक्षाएं संचालित हुईं। वर्ष 2015 के बाद से विवाद के चलते इस भवन में कोई गतिविधि नहीं हुई। सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि विवाद निपटने के बाद अब पुराने भवन में भी कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। लंबे समय तक रखरखाव न होने से भवन का काफी हिस्सा जीर्णशीर्ण हो गया है। मुआयना करवा कर मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। इस स्वतंत्रता दिवस में तिरंगा इसी पुराने परिसर में फहराया जाएगा।
जीजीआईसी का पुराना भवन बेहद जीर्णशीर्ण है। मौजूदा हाल में इन कमरों में कक्षाओं का संचालन कतई संभव नहीं है। परिसर में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला को छोड़कर शेष सभी कमरे बदहाल हैं। यहां तक कि इन कमरों में छतों की सरिया भी नजर आ रही है। भवन कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है।
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- एपीएस बिष्ट, एई, लोनिवि, टनकपुर।
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वर्ष 2003 से टनकपुर जीजीआईसी का शिक्षण कार्य स्टेडियम के पास अपने नए भवन से हो रहा है। वहीं 2004 से दिसंबर 2015 तक थाने के पास स्थित जीजीआईसी के पुराने भवन में डिग्री कॉलेज की कक्षाएं संचालित हुईं। वर्ष 2015 के बाद से विवाद के चलते इस भवन में कोई गतिविधि नहीं हुई। सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि विवाद निपटने के बाद अब पुराने भवन में भी कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। लंबे समय तक रखरखाव न होने से भवन का काफी हिस्सा जीर्णशीर्ण हो गया है। मुआयना करवा कर मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। इस स्वतंत्रता दिवस में तिरंगा इसी पुराने परिसर में फहराया जाएगा।
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जीजीआईसी का पुराना भवन बेहद जीर्णशीर्ण है। मौजूदा हाल में इन कमरों में कक्षाओं का संचालन कतई संभव नहीं है। परिसर में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला को छोड़कर शेष सभी कमरे बदहाल हैं। यहां तक कि इन कमरों में छतों की सरिया भी नजर आ रही है। भवन कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है।
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- एपीएस बिष्ट, एई, लोनिवि, टनकपुर।