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Champawat News: मलबा आने से दो घंटे बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग
Mon, 01 May 2023 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 01 May 2023 11:17 PM IST
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चंपावत। बारिश के चलते टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से सोमवार को दो घंटे तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। काफी वाहन फंसे रहने से यात्रियों को दिक्कत झेलनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर एनएच पर सोमवार रात आवाजाही पर रोक लगाई गई।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यहां से 22 किलोमीटर दूर स्वांला से अमोड़ी के बीच तीन जगह सोमवार दोपहर 2:20 बजे एकाएक पत्थर लुढ़कने के साथ काफी मलबा आ गया। मलबा आने से सड़क पर आवाजाही रुक गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एनएच खंड की मशीनों ने मलबे को हटा 4:22 बजे एनएच को खोला। इसके बाद वाहनों की फिर से आवाजाही शुरू हुई।
मलबा आने से दो घंटे एनएच बंद होने के अलावा मौसम विभाग के बारिश के पूर्वानुमान के चलते सोमवार रात वाहनों का आवागमन नहीं हो सकेगा। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार रात वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के बाद रात में आवाजाही रोक दी गई। डीएम ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
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दियूरी-चल्थी सड़क का काम रुकने से आई दिक्कत
चंपावत। दियूरी-चल्थी सड़क का काम लटका न होता तो स्वांला के पास एनएच बाधित होने के बावजूद आवाजाही बंद नहीं होती। इस सड़क से एनएच के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल जाता। 9.11 किलोमीटर लंबी दियूरी-चल्थी सड़क आठ गांवों को सड़क से जोड़ने के अलावा एनएच तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग भी देती। निविदा होने के बावजूद डीपीआर और समरेखन में अंतर की वजह से काम आगे नहीं बढ़ सका। लोनिवि को वन अनापत्ति की प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ी है।
बारिश के बीच देवी धाम पहुंचे श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। बारिश की वजह से मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। सोमवार दोपहर बाद पूर्णागिरि धाम में हल्की और मध्यम बारिश हुई। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक की पौने चार किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होती है। उत्तर प्रदेश के अलावा नेपाल से काफी संख्या में श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए आ रहे हैं। काफी श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच धाम की यात्रा जारी रखी।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यहां से 22 किलोमीटर दूर स्वांला से अमोड़ी के बीच तीन जगह सोमवार दोपहर 2:20 बजे एकाएक पत्थर लुढ़कने के साथ काफी मलबा आ गया। मलबा आने से सड़क पर आवाजाही रुक गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एनएच खंड की मशीनों ने मलबे को हटा 4:22 बजे एनएच को खोला। इसके बाद वाहनों की फिर से आवाजाही शुरू हुई।
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मलबा आने से दो घंटे एनएच बंद होने के अलावा मौसम विभाग के बारिश के पूर्वानुमान के चलते सोमवार रात वाहनों का आवागमन नहीं हो सकेगा। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार रात वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के बाद रात में आवाजाही रोक दी गई। डीएम ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
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दियूरी-चल्थी सड़क का काम रुकने से आई दिक्कत
चंपावत। दियूरी-चल्थी सड़क का काम लटका न होता तो स्वांला के पास एनएच बाधित होने के बावजूद आवाजाही बंद नहीं होती। इस सड़क से एनएच के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल जाता। 9.11 किलोमीटर लंबी दियूरी-चल्थी सड़क आठ गांवों को सड़क से जोड़ने के अलावा एनएच तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग भी देती। निविदा होने के बावजूद डीपीआर और समरेखन में अंतर की वजह से काम आगे नहीं बढ़ सका। लोनिवि को वन अनापत्ति की प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ी है।
बारिश के बीच देवी धाम पहुंचे श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। बारिश की वजह से मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। सोमवार दोपहर बाद पूर्णागिरि धाम में हल्की और मध्यम बारिश हुई। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक की पौने चार किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होती है। उत्तर प्रदेश के अलावा नेपाल से काफी संख्या में श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए आ रहे हैं। काफी श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच धाम की यात्रा जारी रखी।