फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Chooka village is not getting proper facilities

‘लोकतंत्र’ से ही रोशन है नेपाल सीमा का यह गांव

Tue, 09 Apr 2019 10:57 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन चंद्रशेखर जोशी चूका (चंपावत)।
चंद्रशेखर जोशी चूका (चंपावत)। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Tue, 09 Apr 2019 10:57 PM IST
विज्ञापन
Chooka  village is not getting proper facilities
नेपाल सीमा से लगे दूरस्थ चूका गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते छात्र-छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

नेपाल सीमा से लगे चूका गांव खुद को अंधेरे से बाहर निकालने की जद्दोजहद में है। यहां के बच्चों को पांचवीं से आगे की पढ़ाई के लिए 31 किमी दूर टनकपुर जाना पड़ता है। छठीं की पढ़ाई करने के लिए बच्चों को एक अभिभावक सहित टनकपुर रहने पर चार हजार रुपये महीने से अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


कालगूंठ (मां पूर्णागिरि) ग्राम पंचायत के राजस्व गांव चूका गांव में चुनाव को लेकर हलचल है। लोग बताते हैं कि यहां अब तक न कभी सांसद पहुंचे और न ही कोई मंत्री। चुनाव प्रचार के लिए विधायक या पूर्व विधायक ने भी यहां दस्तक नहीं दी है। नेपाल सीमा से लगे होने के चलते यहां आसपास एसएसबी की पांच बार्डर आउटपोस्ट (बीओपी) हैं।  
विज्ञापन


तीन साल पूर्व बना एएनएम केंद्र अब तक खुल नहीं सका। इस वजह से गांव के लोग बुखार-सिरदर्द की समस्या से लेकर टीकाकरण के लिए टनकपुर जाने को मजबूर हैं। चूका गांव उज्ज्वला योजना को आयना दिखा रहा है। कृष्णा देवी के परिवार सहित सहित कई परिवारों के पास गैस चूल्हा नहीं है। 19 में से महज 8 परिवारों को छोड़ शेष लोग लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकारी सस्ते गल्ले की सुविधा के लिए गांव के लोगों को 14 किमी दूर सेलागाड़ जाना पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व सौर ऊर्जा के जरिए यहां रात में उजाला जरूर हो रहा है लेकिन इससे वे टेलीविजन नहीं देख पा रहे हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी रोड से गांव के लोग भविष्य में विकास की उम्मीद कर रहे हैं।

पांच साल में बढ़ गए 19 वोटर
चूका में 39 में से अब 19 परिवार ही यहां रह गए हैं। वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में 110 मतदाताओं के सापेक्ष इस बार वोटरों की तादात 129 हो गई है। ये मतदाता चूका प्राइमरी स्कूल में बने पोलिंग बूथ में वोट देंगे। सैक्टर मजिस्ट्रेट डीके गुप्ता ने सोमवार को पोलिंग बूथ का मुआयना किया। पिछली बार 78 प्रतिशत से अधिक वोटिंग के चलते इस मतदान केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।



बच्चे पढ़ ही न सकेंगे, तो क्या होगा भविष्य
राम सिंह का कहना है कि अगर बच्चे पढ़ ही नहीं सकेंगे तो आगे का भविष्य क्या होगा। प्रहलाद सिंह का कहना है कि उन्होंने शौचालय बनाया लेकिन आज तक 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। बची राम का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के इलाज, टीकाकरण और सामान्य इलाज के लिए टनकपुर जाना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed