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उफनाए किरोड़ा नाले ने ढाई घंटे तक रोकी नौनिहालों की राह

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 11:09 PM IST
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Buried Kiroda drain stopped the path of the young for two and a half hours
टनकपुर में पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा नाला उफनाने से फंसे छात्र-छात्राएं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। सूखीढांग क्षेत्र और मैदान में हुई मूसलाधार बारिश से यहां नदी-नाले उफना गए। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बैराज का जल स्तर 219.50 मीटर तक पहुंच गया जो खतरे के निशान 221.70 मीटर से 2.20 मीटर कम है। वहीं किरोड़ा नाले के उफान में आने से पूर्णागिरि मार्ग के तीनों नालों से आवाजाही बाधित रहा। पूर्णागिरि धाम की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल से लौटने वाले छोटे बच्चों को झेलनी पड़ी।
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टनकपुर शहर के स्कूलों की छुट्टी के बाद घर जा रहे पूर्णागिरि मार्ग के शार्टकट मार्ग पर बसे गांवों के बच्चों को ढाई घंटे (दोपहर 12 बजे से ढाई बजे) तक पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। इस बीच नाले के उफान पर आने से दूसरी तरफ खड़े बच्चों के परिजन खासे परेशान रहे। बाद में पानी कम होने पर बच्चे घर पहुंच सके। वहीं इस नाले को कई युवकों ने जोखिम के बीच भी पार किया।
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