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संयुक्त जांच चौकी निर्माण को लेकर ग्रामीण का विरोध
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बनबसा के भैंसाझाला में बैठक कर संयुक्त जांच चौकी निर्माण का विरोध करते ग्रामीण।
- फोटो : TANAKPUR
बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव लाटाखल्ला एवं भैंसाझाला के पास प्रस्तावित संयुक्त जांच चौकी निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने अपनी भूमि के अधिग्रहण की आशंका जताई है। उन्होंने सरकार से उक्त गांवों को छोड़कर वन भूमि पर जांच चौकी स्थापित करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
बनबसा से लगे नेपाली भूभाग कंचनभोज में निर्माणाधीन नेपाल के सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) निर्माण के बाद भारत सरकार नेपाल के चांदनी गांव के पास भारतीय क्षेत्र में संयुक्त जांच चौकी बना रही है। इसके लिए पिछले दिनों केंद्र सरकार की टीम ने सर्वे भी किया। संयुक्त जांच चौकी में कस्टम, क्वारंटीन, इमिग्रेशन चेकपोस्ट, सुरक्षा बलों की चौकियां, कार्यालय, स्टोर एवं आवास आदि के लिए 40 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। नेपाल के चांदनी सीमा पर स्थित भारतीय गांव लाटाखल्ला एवं भैंसाझाला के ग्रामीणों को भारत सरकार से उनकी भूमि के अधिग्रहण का डर सताने लगा है। इसलिए बुधवार शाम हुई बैठक में ग्रामीणों ने अपनी भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में खाली पड़ी वन भूमि पर संयुक्त जांच चौकी बनाई जाए। ग्रामीणों का कथन था कि वह करीब आठ दशक से वहां रह रहे हैं। दोनों गांव राजस्व गांव हैं। ग्राम प्रधान विनीता राणा की अध्यक्षता में पूर्व बीडीसी सदस्य जसवंत सिंह बसेड़ा ने संचालन किया।
डीएम से की मौका मुआयना करने की मांग
बनबसा (चंपावत)। पूर्व बीडीसी सदस्य एवं गुदमी के प्रधान प्रतिनिधि जसवंत सिंह बसेड़ा ने थानाध्यक्ष धर्मवीर सोलंकी के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में करीब 80 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग की है। बाढ़ सुरक्षा के लिए उन्होंने मौका मुआयना कर समस्या के निराकरण की मांग की है।
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बनबसा से लगे नेपाली भूभाग कंचनभोज में निर्माणाधीन नेपाल के सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) निर्माण के बाद भारत सरकार नेपाल के चांदनी गांव के पास भारतीय क्षेत्र में संयुक्त जांच चौकी बना रही है। इसके लिए पिछले दिनों केंद्र सरकार की टीम ने सर्वे भी किया। संयुक्त जांच चौकी में कस्टम, क्वारंटीन, इमिग्रेशन चेकपोस्ट, सुरक्षा बलों की चौकियां, कार्यालय, स्टोर एवं आवास आदि के लिए 40 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। नेपाल के चांदनी सीमा पर स्थित भारतीय गांव लाटाखल्ला एवं भैंसाझाला के ग्रामीणों को भारत सरकार से उनकी भूमि के अधिग्रहण का डर सताने लगा है। इसलिए बुधवार शाम हुई बैठक में ग्रामीणों ने अपनी भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में खाली पड़ी वन भूमि पर संयुक्त जांच चौकी बनाई जाए। ग्रामीणों का कथन था कि वह करीब आठ दशक से वहां रह रहे हैं। दोनों गांव राजस्व गांव हैं। ग्राम प्रधान विनीता राणा की अध्यक्षता में पूर्व बीडीसी सदस्य जसवंत सिंह बसेड़ा ने संचालन किया।
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डीएम से की मौका मुआयना करने की मांग
बनबसा (चंपावत)। पूर्व बीडीसी सदस्य एवं गुदमी के प्रधान प्रतिनिधि जसवंत सिंह बसेड़ा ने थानाध्यक्ष धर्मवीर सोलंकी के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में करीब 80 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग की है। बाढ़ सुरक्षा के लिए उन्होंने मौका मुआयना कर समस्या के निराकरण की मांग की है।
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