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Champawat News: बेटे को नौकरी दिलाने के लिए बुजुर्ग बैठा आमरण अनशन पर
Mon, 23 Jun 2025 10:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 23 Jun 2025 10:33 PM IST
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उप जिला अस्पताल लोहाघाट में आमरण अनशन पर बैठा बुजुर्ग चेतराम।
लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड लोहाघाट के गंगनौला निवासी चेतराम ने अपने बेटे को नौकरी दिलाने की मांग पर उपजिला अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चेतराम ने बेटे को नौकरी न मिलने तक अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया। मालूम हो कि चेतराम अपनी मांग को लेकर अब 115वीं बार धरने पर बैठे हैं।
सोमवार को बुजुर्ग चेतराम ने उपजिला अस्पताल लोहाघाट में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। बताया कि वर्ष 1993 में लोनिवि में राजमिस्त्री के पद पर कार्यरत था। वह पीजी कॉलेज भवन बनाने के दौरान छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। विभाग ने सरकारी नौकरी और मुआवजा देने की बात कही लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला। वर्ष 2008 में वह खुद उद्यान विभाग में बतौर श्रमिक के रूप में कार्यरत रहा।
वर्ष 2010 में अस्वस्था के कारण उनके स्थान पर उनके बेटे हेम कुमार को 2011 में उद्यान विभाग ने नौकरी पर रखा। वर्ष 2014 उनके बेटे को प्रशिक्षण के नाम पर हटा दिया गया। वर्ष 2020 में उपजिला अस्पताल में उनके बेटे को मानदेय पर वार्ड बाॅय की नौकरी दी लेकिन बीते अप्रैल में उसे को नौकरी से हटा दिया गया। चेतराम ने कहा कि जब तक उनके बेटे को सरकारी नौकरी नहीं मिल जाती है। वह आमरण अनशन से नहीं उठेगा और प्रशासन ने उनकी न सुनी तो आत्मदाह करने के लिए भी मजबूर हो जाएगा।
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सोमवार को बुजुर्ग चेतराम ने उपजिला अस्पताल लोहाघाट में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। बताया कि वर्ष 1993 में लोनिवि में राजमिस्त्री के पद पर कार्यरत था। वह पीजी कॉलेज भवन बनाने के दौरान छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। विभाग ने सरकारी नौकरी और मुआवजा देने की बात कही लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला। वर्ष 2008 में वह खुद उद्यान विभाग में बतौर श्रमिक के रूप में कार्यरत रहा।
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वर्ष 2010 में अस्वस्था के कारण उनके स्थान पर उनके बेटे हेम कुमार को 2011 में उद्यान विभाग ने नौकरी पर रखा। वर्ष 2014 उनके बेटे को प्रशिक्षण के नाम पर हटा दिया गया। वर्ष 2020 में उपजिला अस्पताल में उनके बेटे को मानदेय पर वार्ड बाॅय की नौकरी दी लेकिन बीते अप्रैल में उसे को नौकरी से हटा दिया गया। चेतराम ने कहा कि जब तक उनके बेटे को सरकारी नौकरी नहीं मिल जाती है। वह आमरण अनशन से नहीं उठेगा और प्रशासन ने उनकी न सुनी तो आत्मदाह करने के लिए भी मजबूर हो जाएगा।
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