Banbasa News: बाटनागाड़ में मलबे की चपेट में आने से फेरी वाले की मौत, पैदल आवाजाही पर प्रशासन ने लगाई रोक
बाटनागाड़ में शुक्रवार सुबह पराठे बेचने ठूलीगाड़ जा रहे फेरी वाले की मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने मलबे वाले क्षेत्र से पैदल आवाजाही बंद करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
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पूर्णागिरि मार्ग के बाटनागाड़ में शुक्रवार सुबह पराठे बेचने ठूलीगाड़ जा रहे फेरी वाले की मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने मलबे वाले क्षेत्र से पैदल आवाजाही बंद करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासन को सूचना मिली कि एक व्यक्ति बाटनागाड़ में मलबे में फंसा बेसुध पड़ा है। एसडीएम आकाश जोशी के नेतृत्व में एसडीआरएफ, राजस्व, पुलिस, फायर, लोनिवि, चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची और वृद्ध को निकाला। मौके पर ही डाॅ. मानवेंद्र शुक्ला ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग की शिनाख्त शारदा कॉलोनी वार्ड संख्या 2 निवासी पराठा बेचने वाले चंद्रपाल सिंह प्रजापति (60) पुत्र हरप्रसाद प्रजापति के रूप में हुई।
इस बीच तीसरे दिन भी धाम क्षेत्र से दुकान बंद कर व्यापारी अपने परिवार के साथ मलबे से आते नजर आए। इस पर एसडीएम ने मलबे के ऊपर से पैदल आवाजाही पर कड़ाई से रोक लगाने के पुलिस को निर्देश दिए।
पानी देख एक दिन पहले नहीं जुटा पाए थे हिम्मत
बाटनागाड़ में मलबे की चपेट में आए चंद्रपाल सिंह पराठे की फेरी लगाकर गुजर-बसर करते थे। मृतक के परिचित ऋषिदेव आर्य ने बताया कि शुक्रवार सुबह उसने ककराली गेट तक उन्हें अपनी स्कूटी से छोड़ा था। बृहस्पतिवार को ठूलीगाड़ जाते समय पानी देख उन्होंने आगे जाने का इरादा बदल लिया और बूम में ही टैक्सी और फंसे वाहन चालकों को पराठे बेचे। शुक्रवार को वह हिम्मत जुटाकर जाने लगे, लेकिन वहां हादसे में जान चली गई। बताया कि उनके पराठों की खूब डिमांड रहती थी। नगर के प्रजापति समाज ने चंद्रपाल सिंह के निधन पर गहरा शोक जताया।
मौके पर पहुंची सीएम कैंप कार्यालय की टीम
सूचना पर परिजन, रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। प्रजापति समाज के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह प्रजापति ने बताया कि मृतक की पत्नी सर्वेश कैंसर की बीमार है। उसका इलाज चल रहा है। बड़े भाई हरपाल सिंह ने बताया कि परिवार में पुत्री नानू और पुत्र रजत प्रजापति हैं। रजत नोएडा में कार्यरत है। चंद्रपाल चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह सुबह ही पराठे बेचने ठूलीगाड़ के लिए निकले थे। सीएम कैंप कार्यालय की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने मृतक के परिजनों को एसडीआरएफ मद से तत्काल चार लाख रुपये सहायता राशि का चेक सौंपा। इसके अलावा सीएम रिलीफ मद से एक लाख और पीएम रिलीफ मद से दो लाख रुपये का चेक भी दिया जाएगा।
तीसरे दिन भी 100 से अधिक वाहन लौटाए, पैदल आवाजाही में सख्ती
तीसरे दिन भी सुबह से ही मां पूर्णागिरि धाम के लिए चारपहिया वाहन, दोपहिया वाहनों के साथ ही पैदल श्रद्धालुओं का किरौड़ा बैरियर से लौटना जारी रहा। प्रशासन की ओर से सख्ती के बीच अब बूम तक तीन स्थानों पर वाहनों को रोक कर वापस लौटाया जा रहा है। किरौड़ा बैरियर पर पुलिस कर्मी प्रकाश शर्मा ने बताया कि सुबह से करीब 100 चारपहिया वाहनों को लौटा चुके हैं। पैदल आवाजाही पर भी सख्ती कर दी गई है। कुछ श्रद्धालु टुक-टुक से गांव के रास्ते से निकलकर आते मिले, उस पर भी सख्ती शुरु कर दी है। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पैदल आवाजाही भी रोकी गई है।
मलबा नहीं आया तो जल्द बाटनागाड़ से सड़क से मलबा हटा देंगे : लोनिवि
पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में आया भारी मलबा हटाकर सड़क खोलना लोनिवि के लिए चुनौती बना है। बारिश का क्रम तेज होने की आशंका से किसी भी समय पानी के साथ भारी मलबा आने की आशंका बनी है। शुक्रवार को तीसरे दिन भी लोनिवि की दो जेसीबी, दो पोकलेन मलबा हटाने में लगी रहीं। लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि 21 जून तक का समय दिया था। तेजी से मलबा हटाने का कार्य चल रहा है। अधिक मलबा आने की दशा में विलंब हो सकता है। विभाग की टीम निरंतर मलबा हटाने में जुटी है।
मंदिर समिति ने ठूलीगाड़ में फंसे श्रद्धालु और चालकों को बांटी खाद्य सामग्री
बाटनागाड़ में मलबे के कारण ठूलीगाड़ में फंसे श्रद्धालु और वाहन चालकों की मदद के लिए मां पूर्णागिरि मंदिर समिति आगे आई है। समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि ठूलीगाड़ में फंसे करीब 80-90 श्रद्धालु और वाहन चालकों को खाद्य सामग्री का वितरण किया। फंसे लोगों की हरसंभव सहायता की जा रही है। उनको बाटनगाड़ में मलबे के ऊपर से निकलने के दौरान खतरों से आगाह किया जा रहा है। इस दौरान समाजसेवी राजू तिवारी, गणेश सिंह, अनिल साह आदि मौजूद रहे।