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क्रियात्मक शोध को दिनचर्या में शामिल करें:प्राचार्य
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:56 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। यहां जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में चल रही पांच दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को मॉड्यूल निर्माण और शिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए क्रियात्मक शोध के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई।
शनिवार को प्रभारी प्राचार्य एके शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों से क्रियात्मक शोध को दिनचर्या में शामिल करने को कहा। निर्माण कार्यशाला प्रभारी कमल गहतोड़ी, लता आर्या, क्रियात्मक अनुसंधान के प्रभारी डॉ.पारूल शर्मा और डॉ.अवनीश शर्मा ने प्रशिक्षण की बारीकियां बताईं। कार्यशाला में रमेश सिंह और वंदना जोशी ने मॉड्यूल और क्रियात्मक अनुसंधान को शैक्षिक व व्यावसायिक दक्षता के लिए उपयोगी बताया। विभागाध्यक्ष डॉ.अनिल मिश्रा, डॉ.लक्ष्मी शंकर यादव और प्रवक्ता मनोज भाकुनी ने कहा कि प्रशिक्षण जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में मददगार है। इस मौके पर रोशन लाल, मीताली जोशी, रमेश चंद्र, त्रिलोक, सरिता, प्रेमा, रेखा आदि मौजूद थे।
शनिवार को प्रभारी प्राचार्य एके शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों से क्रियात्मक शोध को दिनचर्या में शामिल करने को कहा। निर्माण कार्यशाला प्रभारी कमल गहतोड़ी, लता आर्या, क्रियात्मक अनुसंधान के प्रभारी डॉ.पारूल शर्मा और डॉ.अवनीश शर्मा ने प्रशिक्षण की बारीकियां बताईं। कार्यशाला में रमेश सिंह और वंदना जोशी ने मॉड्यूल और क्रियात्मक अनुसंधान को शैक्षिक व व्यावसायिक दक्षता के लिए उपयोगी बताया। विभागाध्यक्ष डॉ.अनिल मिश्रा, डॉ.लक्ष्मी शंकर यादव और प्रवक्ता मनोज भाकुनी ने कहा कि प्रशिक्षण जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में मददगार है। इस मौके पर रोशन लाल, मीताली जोशी, रमेश चंद्र, त्रिलोक, सरिता, प्रेमा, रेखा आदि मौजूद थे।
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