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नयागोठ में हाथियों ने पांच किसानों की फसल रौंदी
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टनकपुर (चंपावत)। वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा जंगल से लगे गांवों के किसानों के लिए चुनौती बन गई है। हाथियों का झुंड लगातार गांवों में घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहा है। सोमवार रात फिर नयागोठ में घुसे हाथियों ने पांच किसानों की फसल रौंदकर नष्ट की है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने यदि जल्द सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए तो वे आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
शारदा और बूम रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे हाथी उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, आमबाग, विचई, बस्तिया और छीनीगोठ गांवों के किसानों के परेशानी उत्पन्न करते हैं।
चार दिन पूर्व ही हाथियों ने थ्वालखेड़ा और खेतखेड़ा में आधा दर्जन किसानों की फसल रौंद दी और एक मजदूर का झाला क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद सोमवार रात फिर नयागोठ में भवन धामी, देव राम, भवान राम, बची राम की गेहूं की फसल और मोहन सिंह भंडारी की चना-मसूर की फसल को रौंद दिया।
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ग्राम प्रधान रेनू देवी, जिपं सदस्य उर्मिला चंद, उचौलीगोठ प्रधान सुरेश सिंह महर आदि का कहना है कि आए दिन हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के किसान तंग आ चुके हैं। वन विभाग को जल्द सुरक्षा उपाय करने चाहिए।
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शारदा और बूम रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे हाथी उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, आमबाग, विचई, बस्तिया और छीनीगोठ गांवों के किसानों के परेशानी उत्पन्न करते हैं।
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चार दिन पूर्व ही हाथियों ने थ्वालखेड़ा और खेतखेड़ा में आधा दर्जन किसानों की फसल रौंद दी और एक मजदूर का झाला क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद सोमवार रात फिर नयागोठ में भवन धामी, देव राम, भवान राम, बची राम की गेहूं की फसल और मोहन सिंह भंडारी की चना-मसूर की फसल को रौंद दिया।
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ग्राम प्रधान रेनू देवी, जिपं सदस्य उर्मिला चंद, उचौलीगोठ प्रधान सुरेश सिंह महर आदि का कहना है कि आए दिन हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के किसान तंग आ चुके हैं। वन विभाग को जल्द सुरक्षा उपाय करने चाहिए।