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गैस सिलेंडर रिफिलिंग को नहीं लांघनी होगी लंबी दूरी
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:09 PM IST
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रीठा साहिब/ चंपावत। बाराकोट और लधिया घाटी के 11 हजार गैस उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर रिफिल करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। तीन माह के भीतर उन्हें अपने ही क्षेत्र में सिलिंडर मिलने लगेंगे। बाराकोट और चौड़ापित्ता (रीठा साहिब) में नए गैस वितरण केंद्रों के निर्माण का काम शुरू हो गया है।
51 हजार रसोई गैस उपभोक्ता वाले जिले में अभी चार गैस वितरण केंद्र हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि बाराकोट और चौड़ापित्ता में दो हजार सिलिंडरों की क्षमता वाले गोदामों को स्वीकृति मिली है। इनका निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। नवंबर के अंत तक काम पूरा करा लिया जाएगा और तीन माह के भीतर इन केंद्रों से वितरण का काम शुरू हो जाएगा।
तहसील बाराकोट जिले का अकेला ऐसा केंद्र है, जहां एक भी गैस केंद्र नहीं है। इसके चलते बाराकोट के आठ हजार उपभोक्ताओं को 15 से 55 किमी दूर लोहाघाट, लधिया घाटी के तीन हजार उपभोक्ताओं को 60 किमी दूर लोहाघाट जाकर सिलिंडर रिफिल कराना पड़ता है। इसके चलते उपभोक्ताओं को 100 से 300 रुपये अधिक देने पड़ते हैं।
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दूरदराज के तीन केंद्रों के प्रस्ताव भी भेजे
पूर्ति विभाग ने जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में तीन नए गैस गोदामों के प्रस्ताव भी भेजे हैं। पुलहिंडोला, तल्लादेश के मंच और अमोड़ी में गोदामों के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। राज्य स्तरीय कमेटी इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेगी।
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51 हजार रसोई गैस उपभोक्ता वाले जिले में अभी चार गैस वितरण केंद्र हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि बाराकोट और चौड़ापित्ता में दो हजार सिलिंडरों की क्षमता वाले गोदामों को स्वीकृति मिली है। इनका निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। नवंबर के अंत तक काम पूरा करा लिया जाएगा और तीन माह के भीतर इन केंद्रों से वितरण का काम शुरू हो जाएगा।
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तहसील बाराकोट जिले का अकेला ऐसा केंद्र है, जहां एक भी गैस केंद्र नहीं है। इसके चलते बाराकोट के आठ हजार उपभोक्ताओं को 15 से 55 किमी दूर लोहाघाट, लधिया घाटी के तीन हजार उपभोक्ताओं को 60 किमी दूर लोहाघाट जाकर सिलिंडर रिफिल कराना पड़ता है। इसके चलते उपभोक्ताओं को 100 से 300 रुपये अधिक देने पड़ते हैं।
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दूरदराज के तीन केंद्रों के प्रस्ताव भी भेजे
पूर्ति विभाग ने जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में तीन नए गैस गोदामों के प्रस्ताव भी भेजे हैं। पुलहिंडोला, तल्लादेश के मंच और अमोड़ी में गोदामों के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। राज्य स्तरीय कमेटी इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेगी।