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आदर्श आचार संहिता का खौफ
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:33 PM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद के दूसरे चुनाव का परिणाम किस पार्टी विशेष अथवा निर्दलीय के पक्ष में जाता है, यह तो 20 नवंबर को होने वाली मतगणना के बाद स्पष्ट हो ही जाएगा, लेकिन इस बार वातावरण में ठंड की दस्तक के बीच चुनाव प्रचार कार्य में गर्मी नहीं आ पा रही है।
निकाय चुनाव के लिए मतदान में केवल आठ दिन शेष रह गए हैं, लेकिन इस बार पहली दफा चुनाव आयोग की ओर से आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने किए जाने से फिजा में चुनाव प्रचार का शोरगुल नहीं के बराबर है। इसे आचार संहिता का ही खौफ कहा जाएगा कि अध्यक्ष और सभासद के प्रत्याशियों एवं समर्थक चुनाव प्रचार के परंपरागत तरीकों के बजाय मतदाताओं को रिझाने के लिए डोर-टू-डोर जनसंपर्क की मुहिम पर जोर दे रहे हैं। आयोग की ओर से चुनाव प्रचार खर्च की सीमा निर्धारित करने और चुनाव खर्च की एक-एक पाई का हिसाब रखे जाने के निर्देशों से प्रत्याशी एवं समर्थक सहमे से दिख रहे हैं।
लोगों को मिल रही है कानफोड़ू प्रचार से निजात
चंपावत। अतीत में लाउडस्पीकर के माध्यम से किए जाने वाले चुनाव प्रचार का शोर भी इस बार शांत है। जिससे लोगों को कानफोड़ू चुनाव प्रचार से निजात मिल रही है। दूसरी ओर सरकारी संपत्ति में बैनर-पोस्टर लगाने की सख्त मनाही के कारण भी चुनावी माहौल बेहद नीरस नजर आ रहा है।
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प्रचार में जुटने के बजाए धूप सेंक रहे हैं प्रत्याशी
चंपावत। नगर निकाय चुनाव में मतदाताओं की रहस्यमयी चुप्पी के बीच विभिन्न पदों के प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटने के धूप सेंकने को तवज्जो दे रहे हैं। दरअसल नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से ही मौसम में खासी तब्दीली आ चुकी है तथा सुबह शाम पाला गिरने के कारण ठंड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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निकाय चुनाव के लिए मतदान में केवल आठ दिन शेष रह गए हैं, लेकिन इस बार पहली दफा चुनाव आयोग की ओर से आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने किए जाने से फिजा में चुनाव प्रचार का शोरगुल नहीं के बराबर है। इसे आचार संहिता का ही खौफ कहा जाएगा कि अध्यक्ष और सभासद के प्रत्याशियों एवं समर्थक चुनाव प्रचार के परंपरागत तरीकों के बजाय मतदाताओं को रिझाने के लिए डोर-टू-डोर जनसंपर्क की मुहिम पर जोर दे रहे हैं। आयोग की ओर से चुनाव प्रचार खर्च की सीमा निर्धारित करने और चुनाव खर्च की एक-एक पाई का हिसाब रखे जाने के निर्देशों से प्रत्याशी एवं समर्थक सहमे से दिख रहे हैं।
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लोगों को मिल रही है कानफोड़ू प्रचार से निजात
चंपावत। अतीत में लाउडस्पीकर के माध्यम से किए जाने वाले चुनाव प्रचार का शोर भी इस बार शांत है। जिससे लोगों को कानफोड़ू चुनाव प्रचार से निजात मिल रही है। दूसरी ओर सरकारी संपत्ति में बैनर-पोस्टर लगाने की सख्त मनाही के कारण भी चुनावी माहौल बेहद नीरस नजर आ रहा है।
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प्रचार में जुटने के बजाए धूप सेंक रहे हैं प्रत्याशी
चंपावत। नगर निकाय चुनाव में मतदाताओं की रहस्यमयी चुप्पी के बीच विभिन्न पदों के प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटने के धूप सेंकने को तवज्जो दे रहे हैं। दरअसल नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से ही मौसम में खासी तब्दीली आ चुकी है तथा सुबह शाम पाला गिरने के कारण ठंड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।