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डांडा मल्ला में 20 मवेशियों को पागल कुते ने काटा
Updated Sun, 24 Sep 2017 10:49 PM IST
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चंपावत। चंपावत विकासखंड के दूरस्थ गांव डांडा मल्ला में एक पागल कुत्ते ने 20 मवेशियों को काट डाला। इनमें से अधिकांश पशु दुधारू है। ग्रामीणों ने रविवार की सुबह बड़ी मुश्किल से पागल कुत्ते को पकड़ा। इस घटना से गांव में दहशत है। ग्रामीण इन मवेशियों के दूध का उपयोग भी नहीं कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान खष्टी देवी गांव के सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह ने बताया कि मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर (चंपावत से सूखीढांग की सड़क दूरी 51 किमी व सूखीढांग से 35 किमी पैदल दूरी) डांडा मल्ला में शनिवार की रात और रविवार की सुबह एक पागल कुत्ते ने 20 मवेशियों को काट दिया। कई जानवरों की हालत खतरनाक बनी हुई है। नाथ सिंह, विक्रम सिंह, प्रेम सिंह बोहरा की भैसें, प्रताप सिंह, नारायण सिंह की गायें, कमल राम व जगदीश राम के बकरे के अलावा दीवान सिंह के बैल को काट खाया।
ग्रामीणों के मुताबिक कुत्ते ने मुख्य रूप से मवेशियों के मुंह, पूंछ व पांव में वार किया है। पागल कुत्ते द्वारा जानवरों को काटे की जानकारी ग्रामीणों को तब हुई, जब कुत्ते ने रविवार सुबह दो जानवरों को घायल कर दिया। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से कुत्ते को पकड़ा। जिला पंचायत सदस्य उमा शंकर भट्ट का कहना है कि इस पिछड़े इलाके के लोगों के लिए ये मवेशी उनकी आमदनी का महत्वपूर्ण जरिया होते थे। इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीण पागल कुत्ते द्वारा काटे गए मवेशियों के दूध का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
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प्रभावित गांव रवाना हुई पशुपालन टीम
टनकपुर के एसडीएम अनिल कुमार चन्याल के निर्देश पर पशुपालन विभाग की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डा.बीएस जंगपांगी ने बताया कि चल्थी के फार्मेसिस्ट अशोक गड़कोटी और पशुधन प्रसार अधिकारी राजेंद्र थपलियाल को डांडा मल्ला भेजा गया है। ये टीम मवेशियों का उपचार कर सोमवार शाम तक लौटेगी। ग्रामीण इस दूध का उपयोग करने से हिचक रहे हैं। सीवीओ डॉ. बीएस जंगपांगी का कहना है कि उबले दूध का उपयोग हानिकारक नहीं है। ग्रामीण कच्चे दूध के उपयोग से बचें।
ग्राम प्रधान खष्टी देवी गांव के सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह ने बताया कि मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर (चंपावत से सूखीढांग की सड़क दूरी 51 किमी व सूखीढांग से 35 किमी पैदल दूरी) डांडा मल्ला में शनिवार की रात और रविवार की सुबह एक पागल कुत्ते ने 20 मवेशियों को काट दिया। कई जानवरों की हालत खतरनाक बनी हुई है। नाथ सिंह, विक्रम सिंह, प्रेम सिंह बोहरा की भैसें, प्रताप सिंह, नारायण सिंह की गायें, कमल राम व जगदीश राम के बकरे के अलावा दीवान सिंह के बैल को काट खाया।
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ग्रामीणों के मुताबिक कुत्ते ने मुख्य रूप से मवेशियों के मुंह, पूंछ व पांव में वार किया है। पागल कुत्ते द्वारा जानवरों को काटे की जानकारी ग्रामीणों को तब हुई, जब कुत्ते ने रविवार सुबह दो जानवरों को घायल कर दिया। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से कुत्ते को पकड़ा। जिला पंचायत सदस्य उमा शंकर भट्ट का कहना है कि इस पिछड़े इलाके के लोगों के लिए ये मवेशी उनकी आमदनी का महत्वपूर्ण जरिया होते थे। इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीण पागल कुत्ते द्वारा काटे गए मवेशियों के दूध का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
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प्रभावित गांव रवाना हुई पशुपालन टीम
टनकपुर के एसडीएम अनिल कुमार चन्याल के निर्देश पर पशुपालन विभाग की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डा.बीएस जंगपांगी ने बताया कि चल्थी के फार्मेसिस्ट अशोक गड़कोटी और पशुधन प्रसार अधिकारी राजेंद्र थपलियाल को डांडा मल्ला भेजा गया है। ये टीम मवेशियों का उपचार कर सोमवार शाम तक लौटेगी। ग्रामीण इस दूध का उपयोग करने से हिचक रहे हैं। सीवीओ डॉ. बीएस जंगपांगी का कहना है कि उबले दूध का उपयोग हानिकारक नहीं है। ग्रामीण कच्चे दूध के उपयोग से बचें।