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भारत-नेपाल सीसी मार्ग के निर्माण में भूमि विवाद
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:12 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर बैराज से बन रहे भारत से नेपाल सीमा तक बन रहे सीसी मार्ग के निर्माण का नेपाली नागरिकों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण विवादित भूमि में किया जा रहा है और इस विवाद के हल होने के बाद ही सड़क का निर्माण होने दिया जाएगा।
1991 में एनएचपीसी पावर स्टेशन के निर्माण के वक्त नेपाल के साथ हुई संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए सड़क बनाने के साथ ही नेपाल को जलापूर्ति भी की जानी है। भारत सरकार को टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक नहरका भी निर्माण करके देना है। सालों तक संधि के इन बिंदुओं पर अमल नहीं हुआ। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीघ्र अमल के निर्देश जारी किए। इसके बाद नेपाल को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए 1.3 किमी सीसी मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। ठेके की शर्तों के मुताबिक तीन माह में इस मार्ग का निर्माण पूरा किया जाना है। यह मार्ग टनकपुर बैराज से ब्रह्मदेव (नेपाल) के प्रवेश द्वार पर स्थित नाले की पुलिया तक होना है।
अब नेपाली नागरिकों का कहना है कि ब्रह्मदेव के पास की भूमि विवादित है और विवाद का हल न होने तक सड़क नहीं बनने दी जाएगी। दो दिन पहले वहां के डीएम समेत अन्य अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया है। एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक रईस मियां का कहना है कि नेपाल की ओर से आपत्ति के बारे में डीएम को अवगत करा दिया गया है। टनकपुर एसडीएम अनिल गर्ब्याल ने कहा कि अगर विरोध है तो नेपाली प्रशासन से बातचीत की जाएगी। उधर, कार्यदायी पीआईयू टनकपुर के अधिशासी अभियंता आरके पुनेठा का कहना है कि सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अब भारतीय सीमा में बैराज छोर से निर्माण कराया जा रहा है।
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1991 में एनएचपीसी पावर स्टेशन के निर्माण के वक्त नेपाल के साथ हुई संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए सड़क बनाने के साथ ही नेपाल को जलापूर्ति भी की जानी है। भारत सरकार को टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक नहरका भी निर्माण करके देना है। सालों तक संधि के इन बिंदुओं पर अमल नहीं हुआ। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीघ्र अमल के निर्देश जारी किए। इसके बाद नेपाल को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए 1.3 किमी सीसी मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। ठेके की शर्तों के मुताबिक तीन माह में इस मार्ग का निर्माण पूरा किया जाना है। यह मार्ग टनकपुर बैराज से ब्रह्मदेव (नेपाल) के प्रवेश द्वार पर स्थित नाले की पुलिया तक होना है।
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अब नेपाली नागरिकों का कहना है कि ब्रह्मदेव के पास की भूमि विवादित है और विवाद का हल न होने तक सड़क नहीं बनने दी जाएगी। दो दिन पहले वहां के डीएम समेत अन्य अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया है। एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक रईस मियां का कहना है कि नेपाल की ओर से आपत्ति के बारे में डीएम को अवगत करा दिया गया है। टनकपुर एसडीएम अनिल गर्ब्याल ने कहा कि अगर विरोध है तो नेपाली प्रशासन से बातचीत की जाएगी। उधर, कार्यदायी पीआईयू टनकपुर के अधिशासी अभियंता आरके पुनेठा का कहना है कि सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अब भारतीय सीमा में बैराज छोर से निर्माण कराया जा रहा है।
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