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संकटमोचक 108 अब खुद संकट में
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:52 PM IST
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चंपावत। अब तक संकटमोचक बनी आपात सेवा 108 खुद गहरे संकट में है। खस्ताहाल टायरों के चलते यह सेवा लंबी दूरी तय नहीं कर पा रही है। वहीं अब तकनीकी खराबी आने से सोमवार रात से पाटी की आपात सेवा भिंगराड़ा में खड़ी हो गई है। यह वाहन मरीज को लेने गया था, तभी बीच रास्ते में खराबी आने से वाहन बंद हो गया।
भिंगराड़ा क्षेत्र से पेट संबंधी दिक्कत के चलते सोमवार रात को 108 सेवा को एक कॉल गई। 108 वाहन मरीज को लेने के लिए पाटी से भिंगराड़ा की तरफ जा रहा था। भिंगराड़ा से करीब चार किमी दूर दुर्गानगर गांव में आपात सेवा का वाहन एकाएक बंद हो गया। कई बार प्रयास करने के बाद भी वाहन जब आगे नहीं बढ़ा, तो मरीज को खुशियों की सवारी (केकेएस) के जरिये अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद मरीज की तबियत में सुधार हुआ।
चंपावत जिले की पांचों (टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, रीठा साहिब व पाटी) आपात सेवा 108 के टायर घिस चुके हैं। जिस कारण इन सेवाओं को 15 किमी के दायरे से अधिक चलाना जोखिमभरा है। इस वजह से 30 जुलाई को निडिल में हुई कार दुर्घटना के घायल और 27 जुलाई को हरखेड़ा गांव की गर्भवती को पिथौरागढ़ महिला अस्पताल भी केकेएस के जरिए भेजा गया। और अब पाटी की आपात सेवा जवाब दे गई है।
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भिंगराड़ा क्षेत्र से पेट संबंधी दिक्कत के चलते सोमवार रात को 108 सेवा को एक कॉल गई। 108 वाहन मरीज को लेने के लिए पाटी से भिंगराड़ा की तरफ जा रहा था। भिंगराड़ा से करीब चार किमी दूर दुर्गानगर गांव में आपात सेवा का वाहन एकाएक बंद हो गया। कई बार प्रयास करने के बाद भी वाहन जब आगे नहीं बढ़ा, तो मरीज को खुशियों की सवारी (केकेएस) के जरिये अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद मरीज की तबियत में सुधार हुआ।
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चंपावत जिले की पांचों (टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, रीठा साहिब व पाटी) आपात सेवा 108 के टायर घिस चुके हैं। जिस कारण इन सेवाओं को 15 किमी के दायरे से अधिक चलाना जोखिमभरा है। इस वजह से 30 जुलाई को निडिल में हुई कार दुर्घटना के घायल और 27 जुलाई को हरखेड़ा गांव की गर्भवती को पिथौरागढ़ महिला अस्पताल भी केकेएस के जरिए भेजा गया। और अब पाटी की आपात सेवा जवाब दे गई है।
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