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मायूस लौटे गोल्डन कार्ड बनाने आए 40 से अधिक ग्रामीण
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चंपावत। जिला मुख्यालय से 34 किलोमीटर दूर बेलखेत गांव में रविवार को शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाए जाने थे। पिथौरागढ़ ग्रिड से बिजली आपूर्ति न होने से कार्ड बनाने का काम सुबह 10 बजे के बजाय दोपहर एक बजे से शुरू हो सका। इसके चलते लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। 40 लोग कार्ड नहीं बन पाने से मायूस लौटे। शिविर में महज 19 कार्ड ही बन सके।
केंद्र सरकार ने पांच लाख रुपये तक की निशुल्क स्वास्थ्य बीमा योजना (आयुष्मान योजना) शुरू की है। इसके लिए इन दिनों गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को बेलखेत गांव में कार्ड बनाने को शिविर लगाया गया था।
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश बोहरा ने बताया कि कार्ड बनने की सूचना पर बेलखेत, शीशनगर, बिनौला, दियूरी आदि गांवों से काफी संख्या में लोग आए थे लेकिन बिजली की आपूर्ति नहीं होने और किसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के चलते लोगों को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा।
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आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक मनोज पांडेय ने बताया कि बिजली आपूर्ति सुचारु होने के बाद 1:15 बजे से कार्ड बनाने का काम शुरू किया गया। शिविर में 19 कार्ड ही बन सके। लंबा इंतजार करने के बाद मोती देवी, भावना देवी, मीना देवी, कविता देवी, पार्वती, प्रमोद सहित 40 से अधिक लोग मायूस लौटे।
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केंद्र सरकार ने पांच लाख रुपये तक की निशुल्क स्वास्थ्य बीमा योजना (आयुष्मान योजना) शुरू की है। इसके लिए इन दिनों गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को बेलखेत गांव में कार्ड बनाने को शिविर लगाया गया था।
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सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश बोहरा ने बताया कि कार्ड बनने की सूचना पर बेलखेत, शीशनगर, बिनौला, दियूरी आदि गांवों से काफी संख्या में लोग आए थे लेकिन बिजली की आपूर्ति नहीं होने और किसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के चलते लोगों को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा।
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आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक मनोज पांडेय ने बताया कि बिजली आपूर्ति सुचारु होने के बाद 1:15 बजे से कार्ड बनाने का काम शुरू किया गया। शिविर में 19 कार्ड ही बन सके। लंबा इंतजार करने के बाद मोती देवी, भावना देवी, मीना देवी, कविता देवी, पार्वती, प्रमोद सहित 40 से अधिक लोग मायूस लौटे।