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धूल के गुबार के बीच एनएच में सफर कर रहे हजारों मुसाफिर
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:56 PM IST
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बारहमासी सड़क की कटिंग ने आवाजाही को धूल के गुबार से भर दिया है। इस मार्ग पर रोजाना 900 से अधिक छोटे-बड़े वाहन में करीब 15 हजार लोग सफर करते हैं। वाहनों की आवाजाही से मार्ग पर धूल ही धूल हो रही है, मगर यात्रियों को इससे बचाने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। इसके चलते लोगों को बारहमासी सड़क में सात स्थानों पर भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
बारहमासी सड़क की कटिंग से न केवल जगह-जगह जाम लग रहा है, बल्कि कटिंग के दौरान मार्ग में धूल उड़ रही है। धूल से बचाव के लिए कार्यदायी संस्था को टैंकरों से पानी का छिड़काव करना है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) खंड ने टनकपुर से पिथौरागढ़ तक के 150 किमी मार्ग में 20 टैंकर रखे हैं। मगर इन टैंकरों से छिड़काव आमतौर पर नहीं हो रहा है। इस मार्ग में बस्टिया, सिन्याड़ी, अमोड़ी, स्वांला, धौन, बाराकोट, सिंगदा सहित कई जगह लोगों को आवाजाही में धूल से काफी परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहनों से आवाजाही इस रुट पर 75 प्रतिशत तक कम हो गई है। वहीं कार, जीप और बसों में आवाजाही करने वालों को भी धूल से गुजरना पड़ रहा है।
बचाव के लिए मॉस्क लगाएं: सीएमओ
बारहमासी सड़क की कटिंग के चलते उड़ रही धूल स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा का कहना है कि धूल से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। जिससे दमघोंटू रोग, दमा, एलर्जी सहित कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए मॉस्क लगाना जरूरी है।
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धूल की वजह से हो चुकी बस व कार में भिड़ंत
सड़क पर धूल से दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ रहा है। इस रूट पर वाहन चलाने वालों का कहना है कि कई जगह धूल की वजह से आगे सड़क नजर नहीं आ रही है। ऐसे मौके पर बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। एक अप्रैल को धूल के चलते आगे नहीं दिख पाने की वजह से अमोड़ी में रोडवेज की बस और एक कार में सीधी टक्कर लग चुकी है। जिसमें एक व्यक्ति घायल भी हुआ।
बारहमासी सड़क की कटिंग से न केवल जगह-जगह जाम लग रहा है, बल्कि कटिंग के दौरान मार्ग में धूल उड़ रही है। धूल से बचाव के लिए कार्यदायी संस्था को टैंकरों से पानी का छिड़काव करना है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) खंड ने टनकपुर से पिथौरागढ़ तक के 150 किमी मार्ग में 20 टैंकर रखे हैं। मगर इन टैंकरों से छिड़काव आमतौर पर नहीं हो रहा है। इस मार्ग में बस्टिया, सिन्याड़ी, अमोड़ी, स्वांला, धौन, बाराकोट, सिंगदा सहित कई जगह लोगों को आवाजाही में धूल से काफी परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहनों से आवाजाही इस रुट पर 75 प्रतिशत तक कम हो गई है। वहीं कार, जीप और बसों में आवाजाही करने वालों को भी धूल से गुजरना पड़ रहा है।
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बचाव के लिए मॉस्क लगाएं: सीएमओ
बारहमासी सड़क की कटिंग के चलते उड़ रही धूल स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा का कहना है कि धूल से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। जिससे दमघोंटू रोग, दमा, एलर्जी सहित कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए मॉस्क लगाना जरूरी है।
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धूल की वजह से हो चुकी बस व कार में भिड़ंत
सड़क पर धूल से दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ रहा है। इस रूट पर वाहन चलाने वालों का कहना है कि कई जगह धूल की वजह से आगे सड़क नजर नहीं आ रही है। ऐसे मौके पर बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। एक अप्रैल को धूल के चलते आगे नहीं दिख पाने की वजह से अमोड़ी में रोडवेज की बस और एक कार में सीधी टक्कर लग चुकी है। जिसमें एक व्यक्ति घायल भी हुआ।