{"_id":"597b766c4f1c1b75398b4733","slug":"181501263468-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टनकपुर से जाने दिए वाहन, लेकिन मार्ग नहीं खुला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टनकपुर से जाने दिए वाहन, लेकिन मार्ग नहीं खुला
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)।
टनकपुर-चंपावत मार्ग पर धौन के पास शुक्रवार को भी डेंजर जोन पर मलबा गिरना जारी रहने से आवाजाही ठप रही। इसका असर टनकपुर में साफ नजर आया। सुबह से ही ककराली गेट पर पुलिस ने बैरियर गिराकर वाहनों को आगे जाने से रोका। दोपहर 12 बजे मार्ग खुलने की उम्मीद पर वाहनों को आगे जाने के लिए बैरियर खोला गया। इस बीच सैकड़ों वाहन फंसे रहे। बताया गया कि सुबह से ही धौन में रुक-रुक कर लगातार सड़क में मलबा गिरने की सूचनाओं के मिलने पर लोग आगे फंसने की आशंका से लोग टनकपुर से आगे बढ़ने से बचते रहे। जिला मुख्यालय से रोज आवाजाही वाले लोग भी नहीं जा पाए।
बुधवार की देर रात से धौन के पास मलबा आने से सीमांत क्षेत्र की लाइफ लाइन पर आवाजाही बंद है। इस बीच गुरुवार को दिन भर टनकपुर में चंपावत होकर आगे जाने वाले यात्री बेहाल रहे। शुक्रवार को भी सुबह से ककराली गेट पर प्रशासन की ओर से बैरियर बंद किया गया। खतरे को देखते हुए वाहनों को आगे नहीं जाने दिया। मार्ग खुलने की उम्मीद पर दोपहर 12 बजे टनकपुर से वाहनों को छोड़ा गया। कुछ वाहन तो आगे बढ़े लेकिन इनमें ऐसे लोग अधिक थे, जिन्होंने आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटना मुनासिब समझा। चंपावत निवासी यात्री नवीन सिंह व लोहाघाट निवासी दीपक चंद्र समेत अनेक यात्रियों ने बताया कि डेंजर जोन पर रुक-रुक कर मलबा आने की सूचना से उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हो रही है। जब मार्ग पूरी तरह से खुलने की सूचना मिलेगी तभी आगे बढ़ेंगे।
बताया कि गुरुवार को वह भी कई घंटे तक धौन में फंसे रहे। बाद में उनको वापस टनकपुर लौटना पड़ा। इधर, पिथौरागढ़ जाने वाले लोग अब बाया हल्द्वानी अल्मोड़ा-घाट होकर भी निकल रहे हैं। गुरुवार देर सायं तक धौन में फंसे लोग पैदल रास्तों से जोखिम उठाकर हाइवे पर पहुंचे और आगे का रास्ता तय किया। इससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार की अपेक्षा शुक्रवार को नगर में यात्रियों का जमावड़ा कम रहा। इसके लिए पीछे एक कारण मार्ग बंद होने की सूचना रही।
टनकपुर-चंपावत मार्ग पर धौन के पास शुक्रवार को भी डेंजर जोन पर मलबा गिरना जारी रहने से आवाजाही ठप रही। इसका असर टनकपुर में साफ नजर आया। सुबह से ही ककराली गेट पर पुलिस ने बैरियर गिराकर वाहनों को आगे जाने से रोका। दोपहर 12 बजे मार्ग खुलने की उम्मीद पर वाहनों को आगे जाने के लिए बैरियर खोला गया। इस बीच सैकड़ों वाहन फंसे रहे। बताया गया कि सुबह से ही धौन में रुक-रुक कर लगातार सड़क में मलबा गिरने की सूचनाओं के मिलने पर लोग आगे फंसने की आशंका से लोग टनकपुर से आगे बढ़ने से बचते रहे। जिला मुख्यालय से रोज आवाजाही वाले लोग भी नहीं जा पाए।
बुधवार की देर रात से धौन के पास मलबा आने से सीमांत क्षेत्र की लाइफ लाइन पर आवाजाही बंद है। इस बीच गुरुवार को दिन भर टनकपुर में चंपावत होकर आगे जाने वाले यात्री बेहाल रहे। शुक्रवार को भी सुबह से ककराली गेट पर प्रशासन की ओर से बैरियर बंद किया गया। खतरे को देखते हुए वाहनों को आगे नहीं जाने दिया। मार्ग खुलने की उम्मीद पर दोपहर 12 बजे टनकपुर से वाहनों को छोड़ा गया। कुछ वाहन तो आगे बढ़े लेकिन इनमें ऐसे लोग अधिक थे, जिन्होंने आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटना मुनासिब समझा। चंपावत निवासी यात्री नवीन सिंह व लोहाघाट निवासी दीपक चंद्र समेत अनेक यात्रियों ने बताया कि डेंजर जोन पर रुक-रुक कर मलबा आने की सूचना से उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हो रही है। जब मार्ग पूरी तरह से खुलने की सूचना मिलेगी तभी आगे बढ़ेंगे।
विज्ञापन
बताया कि गुरुवार को वह भी कई घंटे तक धौन में फंसे रहे। बाद में उनको वापस टनकपुर लौटना पड़ा। इधर, पिथौरागढ़ जाने वाले लोग अब बाया हल्द्वानी अल्मोड़ा-घाट होकर भी निकल रहे हैं। गुरुवार देर सायं तक धौन में फंसे लोग पैदल रास्तों से जोखिम उठाकर हाइवे पर पहुंचे और आगे का रास्ता तय किया। इससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार की अपेक्षा शुक्रवार को नगर में यात्रियों का जमावड़ा कम रहा। इसके लिए पीछे एक कारण मार्ग बंद होने की सूचना रही।
विज्ञापन