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विचई में हाथियों के झुंड का उत्पात
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:39 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
जंगल से सटों गांवों में बाघ के साथ हाथियों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार की रात हाथियों के झुंड ने विचई गांव में घुसकर दो लोगों की गोशाला क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा आधा दर्जन काश्तकारों की धान फसल रौंदकर नष्ट कर दी। सूचना के बाद भी खटीमा रेंज का कोई कर्मचारी मौका मुआयना करने तक नहीं पहुंचा। पीड़ितों ने हाथियों द्वारा किए गए नुकसान की लिखित रिपोर्ट खटीमा रेंज को दी है। क्षेत्र में हाथियों दस्तक बढ़ने से लोगों में दहशत बनी हुई है।
शारदा व बूम रेंज में जंगलों से जुड़े गांवों में ग्रामीणों को अभी बाघ की समस्या से निजात नहीं पाई है। क्षेत्र में अभी बाघ की दहशत बनी हुई है। इस बीच अब खेतों में धान की फसल की हरियाली छाने के बाद हाथियों के झुंड ने भी गांव में दस्तक देना शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि बुधवार की रात मनिहारगोठ ग्रामसभा के विचई गांव में घुसे हाथियों के झुंड ने विश्राम चंद व कमलेश चंद की गौशाला को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है।
इसके अलावा विश्राम चंद व कमलेश चंद के साथ ही बहादुर चंद, भगवान चंद, नीरज चंद, मुकेश चंद आदि काश्तकारों की करीब पंद्रह बीघा भूमि में खड़ी धान की फसल रौंदकर नष्ट की है। तराई पूर्वी हल्द्वानी वन प्रभाग के खटीमा रेंज के वन अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई, लेकिन मौका मुआयना करने कोई नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान किरन देवी, समाजसेवी भरत चंद, अशोक पाल, दिवाकर भट्ट, खड़क चंद आदि ने वन विभाग और प्रशासन से गांवों में वन्यजीवों का प्रवेश रोकने को शीघ्र कारगर कदम उठाने की मांग की है।
जंगल से सटों गांवों में बाघ के साथ हाथियों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार की रात हाथियों के झुंड ने विचई गांव में घुसकर दो लोगों की गोशाला क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा आधा दर्जन काश्तकारों की धान फसल रौंदकर नष्ट कर दी। सूचना के बाद भी खटीमा रेंज का कोई कर्मचारी मौका मुआयना करने तक नहीं पहुंचा। पीड़ितों ने हाथियों द्वारा किए गए नुकसान की लिखित रिपोर्ट खटीमा रेंज को दी है। क्षेत्र में हाथियों दस्तक बढ़ने से लोगों में दहशत बनी हुई है।
शारदा व बूम रेंज में जंगलों से जुड़े गांवों में ग्रामीणों को अभी बाघ की समस्या से निजात नहीं पाई है। क्षेत्र में अभी बाघ की दहशत बनी हुई है। इस बीच अब खेतों में धान की फसल की हरियाली छाने के बाद हाथियों के झुंड ने भी गांव में दस्तक देना शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि बुधवार की रात मनिहारगोठ ग्रामसभा के विचई गांव में घुसे हाथियों के झुंड ने विश्राम चंद व कमलेश चंद की गौशाला को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है।
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इसके अलावा विश्राम चंद व कमलेश चंद के साथ ही बहादुर चंद, भगवान चंद, नीरज चंद, मुकेश चंद आदि काश्तकारों की करीब पंद्रह बीघा भूमि में खड़ी धान की फसल रौंदकर नष्ट की है। तराई पूर्वी हल्द्वानी वन प्रभाग के खटीमा रेंज के वन अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई, लेकिन मौका मुआयना करने कोई नहीं पहुंचा। ग्राम प्रधान किरन देवी, समाजसेवी भरत चंद, अशोक पाल, दिवाकर भट्ट, खड़क चंद आदि ने वन विभाग और प्रशासन से गांवों में वन्यजीवों का प्रवेश रोकने को शीघ्र कारगर कदम उठाने की मांग की है।
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