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लोहाघाट में बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन शुरू
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लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल 46073 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में 147 शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों को मूल्यांकन से पूर्व प्रशिक्षण दिया गया।
शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज लोहाघाट में उप नियंत्रक और जीआईसी के प्रधानाचार्य हरिनंदन जोशी और पर्यवेक्षक प्रकाश चंद्र जोशी ने विधिवत परीक्षा मूल्यांकन का शुभारंभ किया। उप नियंत्रक जोशी ने बताया कि हाईस्कूल की 29671 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल सात टेबलों पर 73 परीक्षक और इंटरमीडिएट की 16402 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए छह टेबलों पर 50 परीक्षक लगे हुए हैं।
हाईस्कूल में 14 अंकेक्षक और इंटर के लिए 10 अंकक्षेक तैनात हैं। मूल्यांकन 20 अप्रैल से चार मई तक सुबह 9.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलेगा। सभी परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सावधानीपूर्वक और निष्पक्ष रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों का मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद रहेगा। हाईस्कूल के सह उप नियंत्रक कामेश्वर सिंह और इंटर के डीके मिश्र हैं।
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इस दौरान मास्टर ट्रेनर श्याम दत्त चौबे और भगवान जोशी ने मूल्यांकन केंद्र की भूमिका, परीक्षक, अंकेक्षक, उप प्रधान परीक्षक के दायित्व, कार्यों, अंकयोजना, अंकेक्षण संबंधी परिचर्चा, मूल्यांकन त्रुटियां, ओएमआर अवार्ड बैंक आदि की प्रोजेक्टर से जानकारी दी। पत्राचार प्रभारी विक्रमाजीत चौहान ने प्रोजेक्टर के माध्यम से मूल्यांकन की जानकारी दी।
इस मौके पर विनोद कुमार मिश्रा, नरेश सिंह देव, श्याम बिहारी लाल, ओमपाल, हरीश चंद्र कलौनी, डीपी शर्मा, डीके सिंह कोठारी, वीरपाल सिंह कोठारी आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज लोहाघाट में उप नियंत्रक और जीआईसी के प्रधानाचार्य हरिनंदन जोशी और पर्यवेक्षक प्रकाश चंद्र जोशी ने विधिवत परीक्षा मूल्यांकन का शुभारंभ किया। उप नियंत्रक जोशी ने बताया कि हाईस्कूल की 29671 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल सात टेबलों पर 73 परीक्षक और इंटरमीडिएट की 16402 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए छह टेबलों पर 50 परीक्षक लगे हुए हैं।
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हाईस्कूल में 14 अंकेक्षक और इंटर के लिए 10 अंकक्षेक तैनात हैं। मूल्यांकन 20 अप्रैल से चार मई तक सुबह 9.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलेगा। सभी परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सावधानीपूर्वक और निष्पक्ष रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों का मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद रहेगा। हाईस्कूल के सह उप नियंत्रक कामेश्वर सिंह और इंटर के डीके मिश्र हैं।
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इस दौरान मास्टर ट्रेनर श्याम दत्त चौबे और भगवान जोशी ने मूल्यांकन केंद्र की भूमिका, परीक्षक, अंकेक्षक, उप प्रधान परीक्षक के दायित्व, कार्यों, अंकयोजना, अंकेक्षण संबंधी परिचर्चा, मूल्यांकन त्रुटियां, ओएमआर अवार्ड बैंक आदि की प्रोजेक्टर से जानकारी दी। पत्राचार प्रभारी विक्रमाजीत चौहान ने प्रोजेक्टर के माध्यम से मूल्यांकन की जानकारी दी।
इस मौके पर विनोद कुमार मिश्रा, नरेश सिंह देव, श्याम बिहारी लाल, ओमपाल, हरीश चंद्र कलौनी, डीपी शर्मा, डीके सिंह कोठारी, वीरपाल सिंह कोठारी आदि मौजूद रहे।