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जिला विकास प्राधिकरण को हटाने की मांग
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बनबसा (चंपावत)। नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल ने सीएम को ज्ञापन भेज चंपावत जिले में जिला विकास प्राधिकरण को हटाने की मांग की है। उन्होंने बिना रजिस्टर्ड भूमि को फ्रीहोल्ड कर स्वामित्व प्रदान करने के बाद ही प्राधिकरण की श्रेणी में रखने की मांग की है।
ज्ञापन में जिला विकास प्राधिकरण पर पुनर्विचार करने की मांग कर इसे समाप्त करने की मांग की है। लिखा है कि जिला विकास प्राधिकरण के नाम पर बनबसा में आमजन का आर्थिक, मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
प्राधिकरण के शुल्क के नाम पर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने ज्ञापन में लिखा है कि बनबसा क्षेत्र में करीब 80 प्रतिशत भूमि रजिस्टर्ड नहीं होने से क्षेत्र वासियों से प्राधिकरण के नाम पर अवैध शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने गरीबों के हितों को देखते हुए विकास प्राधिकरण के सरलीकरण और शुल्क में कमी करने की मांग की है। उन्होंने एनएच या स्टेट हाईवे किनारे के ग्रामीण क्षेत्रों को प्राधिकरण से बाहर रखने की भी मांग की है। इसके अलावा बिना रजिस्टर्ड जमीनों पर विकास प्राधिकरण का शुल्क वसूलने से पूर्व उन्हें फ्रीहोल्ड करते हुए स्वामित्व प्रदान करने की मांग की है। ब्यूरो
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ज्ञापन में जिला विकास प्राधिकरण पर पुनर्विचार करने की मांग कर इसे समाप्त करने की मांग की है। लिखा है कि जिला विकास प्राधिकरण के नाम पर बनबसा में आमजन का आर्थिक, मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
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प्राधिकरण के शुल्क के नाम पर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने ज्ञापन में लिखा है कि बनबसा क्षेत्र में करीब 80 प्रतिशत भूमि रजिस्टर्ड नहीं होने से क्षेत्र वासियों से प्राधिकरण के नाम पर अवैध शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने गरीबों के हितों को देखते हुए विकास प्राधिकरण के सरलीकरण और शुल्क में कमी करने की मांग की है। उन्होंने एनएच या स्टेट हाईवे किनारे के ग्रामीण क्षेत्रों को प्राधिकरण से बाहर रखने की भी मांग की है। इसके अलावा बिना रजिस्टर्ड जमीनों पर विकास प्राधिकरण का शुल्क वसूलने से पूर्व उन्हें फ्रीहोल्ड करते हुए स्वामित्व प्रदान करने की मांग की है। ब्यूरो
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