{"_id":"5a8717384f1c1b387b8b6e0b","slug":"141518802744-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जायका परियोजना में चयनित हुई 52 वन पंचायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जायका परियोजना में चयनित हुई 52 वन पंचायतें
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:09 PM IST
विज्ञापन
चंपावत। जिले में 1210 वन पंचायतों में से उत्तराखंड वन संसाधन परियोजना (जायका) के तहत 52 वन पंचायतों का चयन किया गया है। इनके सरपंचों को वन विभाग की ओर से प्रशिक्षण देकर मानकों की जानकारी दी गई है। प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट ने बताया कि परियोजना के तहत एक वन पंचायत के अधिकतम 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। एक हेक्टेयर में 500 पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग की नर्सरी से वन पंचायतों को निशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
डीएफओ ने बताया कि वनों को समृद्ध करने, चुगान रोकने, पेड़ों का छटान करने, चालखाल और चेकडैम और वनों को संरक्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 2014 से जायका परियोजना संचालित की जा रही है। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी हेम गहतोड़ी, कैलाश चंद्र तिवारी, रमेश जोशी, भूपाल सिंह किरौला, बीके माहरा, दीप जोशी सहित 42 चयनित वन पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएफओ ने बताया कि वनों को समृद्ध करने, चुगान रोकने, पेड़ों का छटान करने, चालखाल और चेकडैम और वनों को संरक्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 2014 से जायका परियोजना संचालित की जा रही है। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी हेम गहतोड़ी, कैलाश चंद्र तिवारी, रमेश जोशी, भूपाल सिंह किरौला, बीके माहरा, दीप जोशी सहित 42 चयनित वन पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।
विज्ञापन