फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   ार्मासिस्टों के उच्चीकृत वेतनमान से छेड़छाड़ का होगा विरोध

ार्मासिस्टों के उच्चीकृत वेतनमान से छेड़छाड़ का होगा विरोध

Mon, 11 Sep 2017 11:16 PM IST
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
ार्मासिस्टों के उच्चीकृत वेतनमान से छेड़छाड़ का होगा विरोध

विज्ञापन
चंपावत। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने सरकार को चेताया है कि यदि वर्ष 2013 में कैबिनेट के माध्यम से उच्चीकृत हुए उनके वेतनमानों के साथ कोई छेड़छाड़ की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन के माध्यम से इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। इस मामले को लेकर बेमियादी हड़ताल करने की भी चेतावनी दी।

सोमवार को एसोसिएशन जिलाध्यक्ष सुरेश जोशी की अध्यक्षता और डॉ.सतीश पांडेय के संचालन में हुई बैठक मेें कहा गया कि प्रदेश में फार्मेसिस्टों के व्यापक दायित्वों, जन संपर्क, आपातकालीन ड्यूटी, मानसरोवर, चारधाम यात्रा, डाक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार, वीआईपी ड्यूटी, मेला ड्यूटी आदि के एवज में पूर्ववर्ती सरकार ने उन्हें विशिष्ट वेतनमान प्रदान किए। केंद्रीय फार्मेसिस्टों की तुलना में राज्य के फार्मेसिस्ट अनेकों प्रकार की सेवा दे रहे हैं। प्रदेश के साढ़े पांच सौ से अधिक स्वास्थ्य उप केंद्रों में फार्मेसिस्ट अकेले सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस बारे में अन्य संवर्गों के दबाव में आकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। वक्ताओं ने नर्सेज एसोसिएशन के अधिक योग्यता रखने संबंधी बयान की निंदा की। उन्होंने फार्मेसिस्टों के विरोध में प्रस्तावित नर्सों की हड़ताल में सरकार का पूरा साथ देकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक में मनोज आर्या, कुलदीप राय, रोशन लाल, जगदीप राना, ज्योति नरियाल, प्रेमलाल, लक्ष्मण गिरि आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन


विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
पिथौरागढ़। फार्मेसिस्ट संवर्ग के उच्चीकृत वेतनमान को यथावत रखने की मांग को लेकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने विधायक बिशन सिंह चुफाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद खोलिया ने कहा कि कैबिनेट ने वेतन समिति की विभिन्न संवर्गों की सीधी भर्ती के पदों का वेतनमान, शैक्षिक योग्यता को केंद्र के समान रखने की संस्तुति को मान लिया है। कहा कि इसका प्रभाव फार्मेसिस्ट, कनिष्ठ अभियंता, मानचित्रकार, मिनिस्ट्रीयल सचिवालय संवर्ग के समीक्षा अधिकारी और आशुलिपिक संवर्ग पर पड़ेगा। सरकार के इस निर्णय से फार्मेसिस्टों में निराशा और आक्रोश व्याप्त है। कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले उत्तराखंड में फार्मेसिस्टों ने स्वास्थ्य सेवाओं में जी-जान लगाकर काम किया है। सभी प्रकार के मेलों, आपदा, यात्रा सेवा आदि में डाक्टर के ना होने पर सारा दायित्व फार्मेसिस्ट के जिम्मे पर है। राज्य के दुर्गम क्षेत्रों के 549 उपकेंद्रों में फार्मेसिस्ट बिना डॉक्टर के स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलाते हैं। ज्ञापन देने वालों में संगठन जिलाध्यक्ष विनोद खोलिया, जिलामंत्री प्रेम शंकर सिंह, कोषाध्यक्ष रवि सार्की, संरक्षक पीके जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीएस राणा, उपाध्यक्ष डीआर गंगोला, संगठन मंत्री सुनील दत्त भट्ट, संयुक्त मंत्री नवीन सिंह जंगपांगी, संप्रेक्षक आरएस मेहता, मीडिया प्रभारी सलीम खान, जिला प्रवक्ता पंकज मलहोत्रा आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed