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रघुवर देखि जनक दुलारी, जात रही गौरी पूजन
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:13 PM IST
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पाटी (चंपावत)। क्षेत्र में इन दिनों बैठकी होली की जबरदस्त धूम मची हुई है। बैठकी होली को लेकर होल्यारों में खासा उत्साह बना हुआ है। मष्टा संगीत कला समिति की बैठकी होली के विभिन्न रागों में देर रात तक होल्यार झूमते रहे। समिति के सदस्य शिक्षक रवीश पचौली के आवास में हुई बैठकी होली का शुभारंभ सरस्वती संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य सीएस मौनी ने किया।
उन्होंने राग काफी में रघुवर देखि जनक दुलारी, जात रही गौरी पूजन गीत से शुरुआत की। संगीताचार्य कैलाश भट्ट ने राग जंगला काफी में बाजी बाजी रे मुरलिया जमुना किनारे, उदीयमान कलाकार विशाल पचौली ने इसी राग में श्याम संग खेलो री होली सखी मिल आज चलो री, कृष्णानंद पचौली ने आओ गोपाल शृंगार करूं तोरा मोतियन माल सिंदूर गाकर महफिल को भक्ति भाव में सरोबार कर दिया। एमसी भट्ट ने राग देश मे चलो री चलो सब होली खेलन को तट यमुना की ओर, एमएन पचौली ने राग झिझौटी में उचे भवन पर्वत पर बस रही अंत तेरा नहीं पायो, पंकज पचौली ने राग सहाना में आज पिया के मैं गेरुवा रंगूंगी कलंक लगे सो लगे, एचसी जोशी ने माधो मधुवन जाना वहीं जाकर समझाना, रवीश पचौली ने अब की टेर हमारी लाज राखो गिरधारी, बद्रीदत्त द्वारा बैरन के मन भावे सुनाकर श्रोताओं को देर रात बांधे रखा। होली का समापन सीएस मौनी ने राग जै जैवंती में श्याम सुंदर बनवारी से किया। देर रात तक चली बैठकी होली में प्रदीप, तन्मय, संदीप, निर्मला, दिवाकर, सुनिधि आदि ने सुर में सुुर मिलाया।
उन्होंने राग काफी में रघुवर देखि जनक दुलारी, जात रही गौरी पूजन गीत से शुरुआत की। संगीताचार्य कैलाश भट्ट ने राग जंगला काफी में बाजी बाजी रे मुरलिया जमुना किनारे, उदीयमान कलाकार विशाल पचौली ने इसी राग में श्याम संग खेलो री होली सखी मिल आज चलो री, कृष्णानंद पचौली ने आओ गोपाल शृंगार करूं तोरा मोतियन माल सिंदूर गाकर महफिल को भक्ति भाव में सरोबार कर दिया। एमसी भट्ट ने राग देश मे चलो री चलो सब होली खेलन को तट यमुना की ओर, एमएन पचौली ने राग झिझौटी में उचे भवन पर्वत पर बस रही अंत तेरा नहीं पायो, पंकज पचौली ने राग सहाना में आज पिया के मैं गेरुवा रंगूंगी कलंक लगे सो लगे, एचसी जोशी ने माधो मधुवन जाना वहीं जाकर समझाना, रवीश पचौली ने अब की टेर हमारी लाज राखो गिरधारी, बद्रीदत्त द्वारा बैरन के मन भावे सुनाकर श्रोताओं को देर रात बांधे रखा। होली का समापन सीएस मौनी ने राग जै जैवंती में श्याम सुंदर बनवारी से किया। देर रात तक चली बैठकी होली में प्रदीप, तन्मय, संदीप, निर्मला, दिवाकर, सुनिधि आदि ने सुर में सुुर मिलाया।
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