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उल्लास से मना दिवाली का पर्व, इस बार कम हुई आतिशबाजी
Updated Thu, 08 Nov 2018 11:17 PM IST
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चंपावत/लोहाघाट। जिले भर में दीपावली का पूर्व धूमधाम से मनाया गया। घरों में लक्ष्मी पूजन के साथ ही आतिशबाजी का लुत्फ उठाया गया। आसमान भी रंग-बिरंगी रोशनी से गुलजार रहा। अलबत्ता इस बार आतिशबाजी कम हुई। रात दस बजे से करीब आधा घंटा पहले ही आतिशबाजी का दौर थम गया। इस दौरान आगजनी की दो मामूली घटनाएं हुईं।
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय, पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि दीपावली का पर्व जिलेभर में शांतिपूर्ण तरीके से मना। लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, रीठाखाल, देवीधुरा, पुलहिंडोला, रौंसाल, चौमेल, खेतीखान, बर्दाखान आदि स्थानों में दीपावली का पर्व अपूर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस बार भी अधिकांश घरों में मिट्टी के दीये ही जलाए गए। रीठा साहिब गुरुद्वारे को रोशनी से सजाया गया।
मुख्य ग्रंथी आदेश सिंह ने अरदास, गुरुग्रंथ साहिब का पाठ किया। सागर सिंह, ईसमीत सिंह, जोगिंदर, जसमीत, नवनीत सिंह आदि ने भजन-कीर्तन किया। चंपावत जिले में इस बार दिवाली पर आतिशबाजी कम होने से बम-पटाखों का बाजार भी ठंडा रहा। जागरूकता अभियान और पुलिस की सख्ताई के चलते आतिशबाजी में कमी आई। जिलेभर में करीब दस लाख रुपये तक का पटाखा कारोबार हुआ। वहीं चंपावत के मोटर स्टेशन रोड में भैय्या दूज के मौके पर शुक्रवार को मेला लगेगा।
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गोवर्द्धन पर्व में हुई गौवंश की पूजा, गायों को खिलाए विशेष पकवान
चंपावत। जिले में बृहस्पतिवार को गोवर्द्धन पर्व पर गौवंश की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान गायों को विशेष पकवान खिलाए गए। पंडित बसंत बल्लभ पांडेय के अनुसार कार्तिक शुक्ल प्रतिप्रदा को गोवर्द्धन पूजा पर्व के रूप में मनाया जाता है। महिलाएं गाय के गोबर से गोवर्द्धन बनाकर उसको पूजती है। मान्यता है कि इसी दिन देवराज इंद्र के घमंड को चूर करते हुए भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों के साथ गिरिराज गोवर्द्धन की पूजा की थी।
लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे मड़ पसौली स्थित मां कामधेनु वात्सल्य सेवाधाम ट्रस्ट में गोवर्द्धन पूजा धूमधाम से हुई। इस केंद्र में छोड़ी गई गायों की बीते आठ वर्ष से सेवा की जा रही है। वर्तमान में करीब 75 से अधिक गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। सेवाधाम ट्रस्ट में पंडित हरीश चंद्र कलौनी के पौरोहित्य में ट्रस्ट के संचालक शंकर दत्त पांडेय ने गौ माताओं को सजाया-संवारा।
बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
चंपावत। दीपावली पर्व के अगले दिन बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय के बाजार में अधिकांश वक्त सन्नाटा पसरा रहा। कम दुकानें खुलने से मुख्यालय से होकर गुजरने वाले यात्रियों को भी असुविधा हुई। शुक्रवार को भैय्या दूज के अवकाश के अगले दो दिन भी छुट्टी है। माह के दूसरे शनिवार और रविवार को भी अवकाश होने से मुख्यालय अब सोमवार से ही गुलजार होगा।
चंपावत में पटाखों से झुलसा एक शख्स, नागनाथ क्षेत्र में घास का एक लुट्टा जला
चंपावत। जिला अस्पताल सहित जिले के तमाम अस्पतालों में दीपावली पर्व के दौरान आपात सेवा मुस्तैद रही। अलबत्ता मरीजों की तादात इस अवधि में कम रही। जिला अस्पताल में पटाखे से झुलसा मात्र एक व्यक्ति आया।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि पाटी क्षेत्र के जनकांडे गांव के मोहन सिंह का आतिशबाजी में दाहिनी हाथ बुरी तरह झुलस गया था। डॉ. इरफान और फार्मासिस्ट मनोज पुनेठा ने मोहन सिंह को नौ टांके लगाए। वहीं चंपावत के नागनाथ क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर के आंगन में रखा घास का एक लुट्टा आतिशबाजी की चपेट में आ गया।
प्रदेश में सबसे कम 8 कॉल चंपावत में
चंपावत। लक्ष्मी पूजन में बुधवार को जिले की पांचों आपात चिकित्सा सेवा 108 मुस्तैद थी। इस अवधि में कुल आठ लोगों ने इस सेवा का उपयोग किया। आपात चिकित्सा सेवा 108 के उत्तराखंड मीडिया समन्वयक मोहन राणा ने बताया कि लक्ष्मी पूजन के दिन प्रदेश के सभी 13 जिलों में कुल 476 लोगों ने आपात सेवा का लाभ उठाया। सबसे ज्यादा 133 कॉल राजधानी देहरादून और सबसे कम आठ कॉल चंपावत जिले से आई। आपात सेवा के चलते लोगों ने राहत महसूस की।
जिला ईएमआई कॉल
चंपावत 8
बागेश्वर 10
पिथौरागढ़ 23
अल्मोड़ा 21
नैनीताल 41
ऊधमसिंह नगर 64
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डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय, पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि दीपावली का पर्व जिलेभर में शांतिपूर्ण तरीके से मना। लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, रीठाखाल, देवीधुरा, पुलहिंडोला, रौंसाल, चौमेल, खेतीखान, बर्दाखान आदि स्थानों में दीपावली का पर्व अपूर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस बार भी अधिकांश घरों में मिट्टी के दीये ही जलाए गए। रीठा साहिब गुरुद्वारे को रोशनी से सजाया गया।
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मुख्य ग्रंथी आदेश सिंह ने अरदास, गुरुग्रंथ साहिब का पाठ किया। सागर सिंह, ईसमीत सिंह, जोगिंदर, जसमीत, नवनीत सिंह आदि ने भजन-कीर्तन किया। चंपावत जिले में इस बार दिवाली पर आतिशबाजी कम होने से बम-पटाखों का बाजार भी ठंडा रहा। जागरूकता अभियान और पुलिस की सख्ताई के चलते आतिशबाजी में कमी आई। जिलेभर में करीब दस लाख रुपये तक का पटाखा कारोबार हुआ। वहीं चंपावत के मोटर स्टेशन रोड में भैय्या दूज के मौके पर शुक्रवार को मेला लगेगा।
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गोवर्द्धन पर्व में हुई गौवंश की पूजा, गायों को खिलाए विशेष पकवान
चंपावत। जिले में बृहस्पतिवार को गोवर्द्धन पर्व पर गौवंश की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान गायों को विशेष पकवान खिलाए गए। पंडित बसंत बल्लभ पांडेय के अनुसार कार्तिक शुक्ल प्रतिप्रदा को गोवर्द्धन पूजा पर्व के रूप में मनाया जाता है। महिलाएं गाय के गोबर से गोवर्द्धन बनाकर उसको पूजती है। मान्यता है कि इसी दिन देवराज इंद्र के घमंड को चूर करते हुए भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों के साथ गिरिराज गोवर्द्धन की पूजा की थी।
लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे मड़ पसौली स्थित मां कामधेनु वात्सल्य सेवाधाम ट्रस्ट में गोवर्द्धन पूजा धूमधाम से हुई। इस केंद्र में छोड़ी गई गायों की बीते आठ वर्ष से सेवा की जा रही है। वर्तमान में करीब 75 से अधिक गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। सेवाधाम ट्रस्ट में पंडित हरीश चंद्र कलौनी के पौरोहित्य में ट्रस्ट के संचालक शंकर दत्त पांडेय ने गौ माताओं को सजाया-संवारा।
बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
चंपावत। दीपावली पर्व के अगले दिन बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय के बाजार में अधिकांश वक्त सन्नाटा पसरा रहा। कम दुकानें खुलने से मुख्यालय से होकर गुजरने वाले यात्रियों को भी असुविधा हुई। शुक्रवार को भैय्या दूज के अवकाश के अगले दो दिन भी छुट्टी है। माह के दूसरे शनिवार और रविवार को भी अवकाश होने से मुख्यालय अब सोमवार से ही गुलजार होगा।
चंपावत में पटाखों से झुलसा एक शख्स, नागनाथ क्षेत्र में घास का एक लुट्टा जला
चंपावत। जिला अस्पताल सहित जिले के तमाम अस्पतालों में दीपावली पर्व के दौरान आपात सेवा मुस्तैद रही। अलबत्ता मरीजों की तादात इस अवधि में कम रही। जिला अस्पताल में पटाखे से झुलसा मात्र एक व्यक्ति आया।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि पाटी क्षेत्र के जनकांडे गांव के मोहन सिंह का आतिशबाजी में दाहिनी हाथ बुरी तरह झुलस गया था। डॉ. इरफान और फार्मासिस्ट मनोज पुनेठा ने मोहन सिंह को नौ टांके लगाए। वहीं चंपावत के नागनाथ क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर के आंगन में रखा घास का एक लुट्टा आतिशबाजी की चपेट में आ गया।
प्रदेश में सबसे कम 8 कॉल चंपावत में
चंपावत। लक्ष्मी पूजन में बुधवार को जिले की पांचों आपात चिकित्सा सेवा 108 मुस्तैद थी। इस अवधि में कुल आठ लोगों ने इस सेवा का उपयोग किया। आपात चिकित्सा सेवा 108 के उत्तराखंड मीडिया समन्वयक मोहन राणा ने बताया कि लक्ष्मी पूजन के दिन प्रदेश के सभी 13 जिलों में कुल 476 लोगों ने आपात सेवा का लाभ उठाया। सबसे ज्यादा 133 कॉल राजधानी देहरादून और सबसे कम आठ कॉल चंपावत जिले से आई। आपात सेवा के चलते लोगों ने राहत महसूस की।
जिला ईएमआई कॉल
चंपावत 8
बागेश्वर 10
पिथौरागढ़ 23
अल्मोड़ा 21
नैनीताल 41
ऊधमसिंह नगर 64