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पेड़ों पर बनी कलाकृतियां उकेरीं
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:40 PM IST
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बनबसा (चंपावत)।
पर्यावरण संरक्षण को प्रदर्शित करती छाया चित्रों की अक्स-ए-दरख्त नामक फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई है। दो दिनों तक चलने वाली छायाचित्रों की प्रदर्शनी में एक से बढ़कर एक छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। फोटोग्राफर पुनीत कात्यायन ने पेड़ों पर बनी कलाकृति को बड़ी बारीकी से दर्शाया है।
रविवार को एनएचपीसी के स्पीच हाल में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ चंपावत के सीडीओ शैलेंद्र सिंह बिष्ट और टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक रईस मियां ने फीता काटकर किया। प्रदर्शनी में प्रकृति की नायाब छटा को 32 छायाचित्रों द्वारा प्रदर्शित किया गया है। इसमें कलाकार ने वृक्षों पर बनी विभिन्न आकृतियों को संजोकर बड़ी बारीकी से दर्शाया है। एक वृक्ष पर प्रदर्शित भारत का नक्शा, कई वृक्षों पर प्रदर्शित गणेश भगवान की छवि, सिगार पीता चिंपैंजी को दर्शाते छायाचित्र खासे सराहे जा रहे हैं। छायाकार पुनीत का कहना है कि मानव ने अपनी महत्वाकांक्षा के लिए सबसे अधिक पेड़ों का विनाश किया है। पेड़-पौधों की घटती संख्या आज बाढ़, भूूकंप, सूखा और अन्य आपदाओं को निमंत्रण दे रही है। इस मौके पर एनएचपीसी के मुख्य अभियंता विद्युत अमिताभ झा, जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक आनंद टैम्भरे, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, ग्राम विकास अधिकारी तपन गढ़कोटी, ग्राम पंचायत अधिकारी रीता बिष्ट आदि मौजूद थे।
पर्यावरण संरक्षण को प्रदर्शित करती छाया चित्रों की अक्स-ए-दरख्त नामक फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई है। दो दिनों तक चलने वाली छायाचित्रों की प्रदर्शनी में एक से बढ़कर एक छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। फोटोग्राफर पुनीत कात्यायन ने पेड़ों पर बनी कलाकृति को बड़ी बारीकी से दर्शाया है।
रविवार को एनएचपीसी के स्पीच हाल में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ चंपावत के सीडीओ शैलेंद्र सिंह बिष्ट और टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक रईस मियां ने फीता काटकर किया। प्रदर्शनी में प्रकृति की नायाब छटा को 32 छायाचित्रों द्वारा प्रदर्शित किया गया है। इसमें कलाकार ने वृक्षों पर बनी विभिन्न आकृतियों को संजोकर बड़ी बारीकी से दर्शाया है। एक वृक्ष पर प्रदर्शित भारत का नक्शा, कई वृक्षों पर प्रदर्शित गणेश भगवान की छवि, सिगार पीता चिंपैंजी को दर्शाते छायाचित्र खासे सराहे जा रहे हैं। छायाकार पुनीत का कहना है कि मानव ने अपनी महत्वाकांक्षा के लिए सबसे अधिक पेड़ों का विनाश किया है। पेड़-पौधों की घटती संख्या आज बाढ़, भूूकंप, सूखा और अन्य आपदाओं को निमंत्रण दे रही है। इस मौके पर एनएचपीसी के मुख्य अभियंता विद्युत अमिताभ झा, जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक आनंद टैम्भरे, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, ग्राम विकास अधिकारी तपन गढ़कोटी, ग्राम पंचायत अधिकारी रीता बिष्ट आदि मौजूद थे।
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