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दो साल से लटका है 100 मीटर पुल, सात किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर रहे ग्रामीण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:06 AM IST
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100 meter bridge hanging for two years, villagers traveling an additional distance of seven km
पाटी (चंपावत)। क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को सौ मीटर का फासला तय करने के लिए सात किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी लांघनी पड़ रही है। ये हाल यहां एक अदद पुल का निर्माण लटकने से हो रहा है। दो साल से पुल का काम लटका है। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को डीएम को ज्ञापन देकर शीघ्र पुल का काम शुरू करने की मांग की है।
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देवाल से रीठा (ग्राम पंचायत बिगराकोट) गांव की 16 किमी सड़क का काम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से दो साल पहले पूरा हुआ। फिर भी इस सड़क पर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते पाटी ब्लॉक के कूंण, भुम्वाड़ी, झलकपुर, कनारी, रीठा, चखड़िया ग्राम पंचायत के लोगों को मैरोली होते हुए नौ किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर जाना पड़ रहा है। यह इसलिए कि सड़क बनने के बाद यहां 100 मीटर लंबे एक पुल का काम दो साल से लटका है। दो करोड़ रुपये से निर्मित पुल के स्तंभ बन चुके हैं, लेकिन पुल का ढांचा नहीं बन सका है।
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पुल का तैयार ढांचा टनकपुर में है। लेकिन इसे बांधने वाले कुशल मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ठेकेदार को जून में नोटिस देते हुए फरवरी 2022 तक पुल के काम को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
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जगदीश थपलियाल,
ईई, पीएमजीएसवाई खंड, लोहाघाट।
ग्रामीणों ने भेजा डीएम को ज्ञापन
पाटी (चंपावत)। ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं बनने तक गांव के लोगों ने लंबी दूरी से बचने के लिए लोगों ने लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया था। यह पुल भी तीन महीने पहले हुई बारिश से टूट गया था। नए पुल को बनाने के साथ लकड़ी के पुल की मरम्मत जल्द से जल्द कराने के लिए ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन दिया। महेश चंद्र, दया कृष्ण, जयदत्त भट्ट, नारायण दत्त, गिरीश भट्ट, कमल भट्ट, किशोर, सोनू, नीरज बिष्ट, भुवन गहतोड़ी, रमेश भट्ट, उमेश भट्ट, छत्तर सिंह बिष्ट आदि ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट
पुल नहीं होने से कई करोड़ रुपये की सड़क के निर्माण का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। पुल का काम तुरंत पूरा कर लोगों को राहत दी जाए।
दीपक भट्ट, ग्राम प्रधान, बिगराकोट।
कोट
पुल नहीं होने से जीप को घर पर ही खड़ा करना पड़ रहा है। इससे रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। जल्द से जल्द पुल का निर्माण किया जाए।
नीरज बिष्ट, जीप चालक, बिगराकोट।
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