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Chamoli News: शिक्षकों ने की विभागीय पदोन्नति परीक्षा कराने की मांग
Sun, 19 Oct 2025 05:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 19 Oct 2025 05:56 PM IST
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बोले, दुर्गम विद्यालयों को मिल सकेंगे प्रधानाचार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। जिले के इंटर काॅलेजों और हाईस्कूलों के शिक्षकों ने विभागीय पदोन्नति परीक्षा कराने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि इससे दुर्गम विद्यालयों में लंबे समय तक प्रधानाचार्य मिल सकेंगे।
सीमित विभागीय प्रधानाचार्य परीक्षा समर्थक मंच के प्रदेश महामंत्री डाॅ. कमलेश मिश्र ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 1385 में से लगभग 1200 प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। साथ ही हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के 910 में से 830 से अधिक पद खाली हैं। हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक ही पदोन्नति के बाद प्रधानाचार्य बनते हैं और प्रधानाचार्य बनने के लिए उन्हें 5 वर्ष की सेवा प्रधानाध्यापक के पद पर देनी होती है। ऐसे में यदि 830 पदों को भर भी दिया जाए तब भी 5 साल बाद ही इंटर कॉलेजों को प्रधानाचार्य ही मिल पाएंगे। ऐसे में इंटर काॅलेजों में प्रधानाचार्य के पदों को भरना संभव नहीं है जिसके चलते विभागीय भर्ती परीक्षा जरूरी है। डाॅ. मिश्र ने शिक्षा निदेशक, शिक्षा मंत्री सहित अन्य को इस संबंध में ज्ञापन दिया। उन्होंने परीक्षा के माध्यम से प्रधानाचार्य के पद भरने की मांग की। कहा कि पद भरे जाएंगे तो उनकी नियुक्ति चमोली जिले के दुर्गम विद्यालय में होगी और वहां लंबे समय तक प्रधानाचार्य मिल सकेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। जिले के इंटर काॅलेजों और हाईस्कूलों के शिक्षकों ने विभागीय पदोन्नति परीक्षा कराने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि इससे दुर्गम विद्यालयों में लंबे समय तक प्रधानाचार्य मिल सकेंगे।
सीमित विभागीय प्रधानाचार्य परीक्षा समर्थक मंच के प्रदेश महामंत्री डाॅ. कमलेश मिश्र ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 1385 में से लगभग 1200 प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। साथ ही हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के 910 में से 830 से अधिक पद खाली हैं। हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक ही पदोन्नति के बाद प्रधानाचार्य बनते हैं और प्रधानाचार्य बनने के लिए उन्हें 5 वर्ष की सेवा प्रधानाध्यापक के पद पर देनी होती है। ऐसे में यदि 830 पदों को भर भी दिया जाए तब भी 5 साल बाद ही इंटर कॉलेजों को प्रधानाचार्य ही मिल पाएंगे। ऐसे में इंटर काॅलेजों में प्रधानाचार्य के पदों को भरना संभव नहीं है जिसके चलते विभागीय भर्ती परीक्षा जरूरी है। डाॅ. मिश्र ने शिक्षा निदेशक, शिक्षा मंत्री सहित अन्य को इस संबंध में ज्ञापन दिया। उन्होंने परीक्षा के माध्यम से प्रधानाचार्य के पद भरने की मांग की। कहा कि पद भरे जाएंगे तो उनकी नियुक्ति चमोली जिले के दुर्गम विद्यालय में होगी और वहां लंबे समय तक प्रधानाचार्य मिल सकेंगे।
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