{"_id":"5fea05d68ebc3e3c8e59f4f9","slug":"mother-bhagwati-arrived-at-anasuya-temple-to-meet-her-sister-gopeshwar-news-drn36601641","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहन से मिलने अनसूया मंदिर पहुंचीं मां भगवती की डोलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहन से मिलने अनसूया मंदिर पहुंचीं मां भगवती की डोलियां
विज्ञापन
गोपेश्वर के समीप अनसूया गेट पर अपने भक्तों को आशीर्वाद देतीं माता अनसूया की डोली।
- फोटो : GOPESHWAR
पहली बार मंडल बाजार से भक्तों के बिना और सिर्फ 12 लोगों के साथ ही विभिन्न गांवों की मां भगवती की डोलियां अपनी बहन से मिलने अनसूया मंदिर पहुंचीं। अनसूया गेट पर भक्तों ने देव डोलियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर मनौतियां मांगीं। एक घंटे तक अलग-अलग गांवों से पहुंचीं देव डोलियों ने ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य किया और भक्तों को आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने ऊंची डांडी-कांठ्यू मां च मां तेरु दरवार, जय हो अनसूया माता, तेरी जय-जयकार और ऋषिकुल का डांडा पर मां तेरु दरवार, जय हो अनसूया माता जैसे मांगल गीत गाकर माता अनसूया का आह्वान किया। इसी के साथ संतानदायनी शक्ति शिरोमणि माता अनसूया का दो दिवसीय मेला सोमवार से शुरू हो गया।
सोमवार को अपराह्न दो बजे कठूड़ गांव की मां ज्वाला की डोली मंडल बाजार पहुंची। इसके बाद ग्राम पंचायत खल्ला, बणद्वारा, देवलधार और सगर गांवों से भी ज्वाला मां की डोलियां गोपेश्वर-मंडल मार्ग पर मंडल बाजार में पहुंचीं। यहां देव डोलियों ने भक्तों को दर्शन दिए। ध्याणियों (विवाहित बेटियां) ने माता को शृंगार सामग्री भेंट की। आचार्य पंडितों ने देव डोलियों की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने माता को नए अनाज का अर्घ्य भी लगाया। इसके बाद डोलियां अनसूया गेट पर पहुंचीं जहां डोलियों ने नृत्य किया। इसी के साथ माता अनसूया का दो दिवसीय मेला शुरू हो गया। अनसूया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण ने बताया कि सिर्फ 12 लोगों को ही सोमवार को देव डोलियों के साथ अनसूया मंदिर तक जाने की अनुमति दी गई है। मंगलवार सुबह से श्रद्धालु अनसूया मंदिर के दर्शनों को जा सकेंगे।
श्रद्धा के सामने सामाजिक दूरी भी भूले
अनसूया गेट पर जैसे ही देव डोलियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, यहां भक्तों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया। सामाजिक दूरी की परवाह किए बिना ही लोगों ने माता को चढ़ावा दिया और मनौतियां मांगीं। जबकि पुलिस प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर से बार-बार श्रद्धालुओं से मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही थी। माहौल भक्तिमय होने के कारण भक्तगण सामाजिक दूरी नहीं बना पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को अपराह्न दो बजे कठूड़ गांव की मां ज्वाला की डोली मंडल बाजार पहुंची। इसके बाद ग्राम पंचायत खल्ला, बणद्वारा, देवलधार और सगर गांवों से भी ज्वाला मां की डोलियां गोपेश्वर-मंडल मार्ग पर मंडल बाजार में पहुंचीं। यहां देव डोलियों ने भक्तों को दर्शन दिए। ध्याणियों (विवाहित बेटियां) ने माता को शृंगार सामग्री भेंट की। आचार्य पंडितों ने देव डोलियों की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने माता को नए अनाज का अर्घ्य भी लगाया। इसके बाद डोलियां अनसूया गेट पर पहुंचीं जहां डोलियों ने नृत्य किया। इसी के साथ माता अनसूया का दो दिवसीय मेला शुरू हो गया। अनसूया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण ने बताया कि सिर्फ 12 लोगों को ही सोमवार को देव डोलियों के साथ अनसूया मंदिर तक जाने की अनुमति दी गई है। मंगलवार सुबह से श्रद्धालु अनसूया मंदिर के दर्शनों को जा सकेंगे।
विज्ञापन
श्रद्धा के सामने सामाजिक दूरी भी भूले
अनसूया गेट पर जैसे ही देव डोलियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, यहां भक्तों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया। सामाजिक दूरी की परवाह किए बिना ही लोगों ने माता को चढ़ावा दिया और मनौतियां मांगीं। जबकि पुलिस प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर से बार-बार श्रद्धालुओं से मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही थी। माहौल भक्तिमय होने के कारण भक्तगण सामाजिक दूरी नहीं बना पाए।
विज्ञापन