चमोली नेहरू युवा केंद्र की ओर से उर्गम घाटी में जिला स्तरीय लोक सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महिलाओं के समूह ने लोकनृत्य व लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। महिलाओं के हिंवाली कांठे की मां नंदा, जौ जस देई गीत... की प्रस्तुति पर संपूर्ण उर्गम घाटी नंदामयी हो गई।
कार्यशाला का शुभारंभ पैनखंडा महिला परिषद की अध्यक्ष रमा भंडारी ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में महिला मंगल दल बामणी, पांडुकेश्वर, थैंणा, सलना, देवग्राम, बांसा, भेंटा, पिलखी, कर्णप्रयाग, गुलाबकोटी के साथ ही युवा मंडली की टीमों ने प्रतिभाग किया। युवा समन्वयक डा. योगेश धस्माना ने कहा कि लोक कलाओं के संरक्षण में युवा संस्कृति कर्मियों को आगे आना होगा और अपनी लोक गाथाओं को आजीविका से जोड़ना होगा। जनदेश के निदेशक लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान में लोक कलाकारों की स्थिति ठीक नहीं है। संस्कृति विभाग को लोक विधाओं का संरक्षण कर लोक कलाकारों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। महिला समूहों ने पारंपरिक गीत व नृत्य से चांचड़ी, जागर, पांडव और चौफला नृत्य की प्रस्तुति दी। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, पर्यावरण प्रेमी बोणी देवी, रघुवीर नेगी, गीता चौहान के साथ ही पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे।