वेतन और पेंशन भुगतान कोषागार से कराने की मांग को लेकर पेयजल निगम के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए धरना भी दिया।
पेयजल कर्मियों ने कहा कि अक्तूबर माह में पेयजल मंत्री ने उनकी मांग 28 दिन में पूरा करने की बात कही थी लेकिन दो माह बाद भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। ऐसे में अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष व उत्तराखंड पेयजल निगम के महामंत्री ने देहरादून में आमरण अनशन शुरू किया है। इसके समर्थन में गोपेश्वर पेयजल निगम के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। मंगलवार को कार्य बहिष्कार के बाद कर्मचारियों ने निगम कार्यालय के बाहर धरना भी दिया। धरने पर अधिशासी अभियंता वीके जैन, अरुण प्रताप सिंह, सहायक अभियंता अमित कुमार, कनिष्ठ अभियंता चंद्रपाल, अंकित सिंह, होरी लाल, प्रधान सहायक विक्रम सिंह वरिष्ठ सहायक जनार्दन प्रसाद मलासी, किशन सिंह रावत, जीत सिंह रावत, अरुण प्रताप सिंह मौजूद रहे।