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Chamoli News: 23 घंटे तक बंद रहा चमोली-कुंड हाईवे, घंटों फंसे रहे यात्री
Thu, 03 Sep 2026 06:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:42 PM IST
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फोटो
रात में हाईवे खुलता न देख यात्रियों ने होटलों में ली शरण
बैरागना में सक्रिय हुआ नया भूस्खलन जोन
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। बैरागना में मलबा आने से बंद पड़ा चमोली-कुंड (84 किमी) हाईवे बृहस्पतिवार को करीब 23 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया। एनएच की मशीनों ने हाईवे के करीब 20 मीटर हिस्से में फैले मलबे को हटाया और वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई। मगर इस दौरान यात्री घंटों फंसे रहे। रात में हाईवे न खुलता देख उन्होंने होटल में शरण ली। वहीं हाईवे के किनारे अभी तक मलबे के ढेर लगे हुए हैं। यहां बैरागना में अब नया भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है।
चमोली-कुंड हाईवे बदरीनाथ और केदारनाथ की तीर्थयात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है। तीर्थयात्री केदारनाथ के दर्शनों के बाद तुंगनाथ चोपता होते हुए बदरीनाथ की यात्रा पर जाते हैं। यह मार्ग अधिकांश हिस्सों में वन क्षेत्र से आच्छादित होने के कारण कभी बंद भी नहीं हुआ था। मगर अब बैरागना में भदाकोटी गांव के ठीक पीछे चट्टान से भूस्खलन हो रहा है जिससे मलबा और बोल्डर हाईवे पर अटक रहा है। बुधवार को अपराह्न तीन बजे तेज बारिश के दौरान यहां मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था और वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। यहां फंसे यात्रियों ने मंडल, बैरागना और सगर गांव के होटलों में शरण ली थी। बृहस्पतिवार को एनएच की जेसीबी ने हाईवे खोलना शुरू किया और दोपहर दो बजे हाईवे को सुचारु कर दिया गया।
इंसेट--
केदारनाथ की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री फंसे
गोपेश्वर। बदरीनाथ की तीर्थयात्रा कर केदारनाथ जा रहे तीर्थयात्री बैरागना में फंसे रहे। इंदौर की अमिता ठाकुर का कहना है कि बैरागना में पहुंचने पर हाईवे बंद मिला। यहां चार घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। इंदौर के ही शिवम कहते हैं कि कुछ लोगों ने हमें इस मार्ग से केदारनाथ जाने की सलाह दी, लेकिन यह मार्ग बुधवार से बंद पड़ा है। बैरागना गांव की ग्राम प्रधान सृष्टि राणा ने एनएच के अधिकारियों से हाईवे पर नियमित रुप से जेसीबी की तैनाती की मांग उठाई है।
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इंसेट-
चमोली-कुंड हाईवे पर मौसम सामान्य होने के बाद सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य किया जाएगा। अभी हाईवे सुचारु रखने पर ध्यान दिया जा रहा है। बैरागना में यह नया भूस्खलन क्षेत्र है। यहां हाईवे पर सुरक्षा दीवार स्थापित करने के साथ ही गदेरे की निकासी के सुरक्षित प्रबंध किए जाएंगे। - ओंकार पांडेय, ईई, एनएच, रुद्रप्रयाग।
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रात में हाईवे खुलता न देख यात्रियों ने होटलों में ली शरण
बैरागना में सक्रिय हुआ नया भूस्खलन जोन
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गोपेश्वर। बैरागना में मलबा आने से बंद पड़ा चमोली-कुंड (84 किमी) हाईवे बृहस्पतिवार को करीब 23 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया। एनएच की मशीनों ने हाईवे के करीब 20 मीटर हिस्से में फैले मलबे को हटाया और वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई। मगर इस दौरान यात्री घंटों फंसे रहे। रात में हाईवे न खुलता देख उन्होंने होटल में शरण ली। वहीं हाईवे के किनारे अभी तक मलबे के ढेर लगे हुए हैं। यहां बैरागना में अब नया भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है।
चमोली-कुंड हाईवे बदरीनाथ और केदारनाथ की तीर्थयात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है। तीर्थयात्री केदारनाथ के दर्शनों के बाद तुंगनाथ चोपता होते हुए बदरीनाथ की यात्रा पर जाते हैं। यह मार्ग अधिकांश हिस्सों में वन क्षेत्र से आच्छादित होने के कारण कभी बंद भी नहीं हुआ था। मगर अब बैरागना में भदाकोटी गांव के ठीक पीछे चट्टान से भूस्खलन हो रहा है जिससे मलबा और बोल्डर हाईवे पर अटक रहा है। बुधवार को अपराह्न तीन बजे तेज बारिश के दौरान यहां मलबा आने से हाईवे बंद हो गया था और वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। यहां फंसे यात्रियों ने मंडल, बैरागना और सगर गांव के होटलों में शरण ली थी। बृहस्पतिवार को एनएच की जेसीबी ने हाईवे खोलना शुरू किया और दोपहर दो बजे हाईवे को सुचारु कर दिया गया।
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केदारनाथ की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री फंसे
गोपेश्वर। बदरीनाथ की तीर्थयात्रा कर केदारनाथ जा रहे तीर्थयात्री बैरागना में फंसे रहे। इंदौर की अमिता ठाकुर का कहना है कि बैरागना में पहुंचने पर हाईवे बंद मिला। यहां चार घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। इंदौर के ही शिवम कहते हैं कि कुछ लोगों ने हमें इस मार्ग से केदारनाथ जाने की सलाह दी, लेकिन यह मार्ग बुधवार से बंद पड़ा है। बैरागना गांव की ग्राम प्रधान सृष्टि राणा ने एनएच के अधिकारियों से हाईवे पर नियमित रुप से जेसीबी की तैनाती की मांग उठाई है।
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चमोली-कुंड हाईवे पर मौसम सामान्य होने के बाद सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य किया जाएगा। अभी हाईवे सुचारु रखने पर ध्यान दिया जा रहा है। बैरागना में यह नया भूस्खलन क्षेत्र है। यहां हाईवे पर सुरक्षा दीवार स्थापित करने के साथ ही गदेरे की निकासी के सुरक्षित प्रबंध किए जाएंगे। - ओंकार पांडेय, ईई, एनएच, रुद्रप्रयाग।