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Chamoli News: पौणा नृत्य और मार्चपास्ट के साथ शुरू हुआ बंड मेला

Fri, 20 Dec 2024 07:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Fri, 20 Dec 2024 07:36 PM IST
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Bund fair started with pauna dance and march past
फोटो-
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स्कूली बच्चों के साथ ही महिलाओं ने निकाली प्रभात फेरी और झांकी
बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने मेले के लिए 4 लाख रुपये देने की घोषणा की
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। पौणा नृत्य और मार्चपास्ट के साथ साप्ताहिक बंड विकास, औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेला शुरू हो गया। इस दौरान विभिन्न गांवों की महिलाओं, स्कूली बच्चों और संस्थाओं की ओर से प्रभात फेरी निकाली गई। साथ ही सनातन संस्कृति व नशामुक्ति की झांकी निकाली। मेले में सरकारी और गैर सरकारी विभागों के 36 स्टाल स्थापित किए गए हैं।

बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये मेले तभी सार्थक होंगे जब इसमें स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने विधायक निधि से मेले के लिए 4 लाख रुपये देने की घोषणा की। इससे पूर्व निकाली गई प्रभात फेरी में महिला मंगल दल बटुला की महिलाओं ने नंदाराज जात की शानदार प्रस्तुति दी। ममंद श्रीकोट, लुहां, गडोरा, अगथला, दिगोली, जैसाल, नौरख, हाट और किरुली की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, सनातन संस्कृति व नशामुक्ति की झांकी निकाली। मेला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी ने झंडारोहण किया। इसके बाद मेला पंडाल में गोपीनाथ संगीतशाला समिति गोपेश्वर के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर एसडीएम राजकुमार पांडे, महामंत्री हरीश पुरोहित, संरक्षक शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, अयोध्या हटवाल, गजेंद्र राणा, राकेश नवनी, भुवन लाल, हरिबोधनी खत्री, विजय प्रसाद मलासी आदि मौजूद रहे। संचालन हरीश पुरोहित व अतुल शाह ने किया।
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इंसेट--
1986 में शुरू हुआ था बंड मेला
पीपलकोटी। बंड मेला वर्ष 1986 में शुरू हुआ था। तब यह मेला स्थानीय उत्पादों के लिए समर्पित था। स्थानीय निवासी विजय प्रसाद मलारी ने बताया कि इस मेले में भोटिया जनजाति के ग्रामीणों के साथ ही स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों से लोग स्थानीय उत्पादों को एक स्थान पर बेचने के लिए लाते थे। धीरे-धीरे मेले ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होने लगे। औली व अन्य पर्यटन स्थलों के सैर-सपाटे पर जाने वाले पर्यटक भी इस मेले में खरीदारी के लिए पहुंचते थे। संवाद
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