{"_id":"5c62e8eebdec22739a5bf3f3","slug":"51549986030-chamoli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरी पाने के लिए ब्राह्मण जाति की महिला ने लगा दिया एससी प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी नौकरी पाने के लिए ब्राह्मण जाति की महिला ने लगा दिया एससी प्रमाण पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जोशीमठ। शिक्षा विभाग में फर्जी तरीके से नियुक्ति के मामले थमने को नहीं हैं। चमोली जिले में एक प्राइमरी शिक्षिका के शैक्षणिक अभिलेखों में गड़बड़ी सामने आई है। शिक्षिका के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के शैक्षणिक अभिलेखों में ब्राह्मण जाति दर्शायी गई है, जबकि नियुक्ति के दौरान शिक्षा विभाग में जमा कराए गए अभिलेखों में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र लगाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी विवेक पंवार ने नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली की पुष्टि की है।
शिक्षा विभाग में चित्रा गौड़ की पहली नियुक्ति वर्ष 2014 में चमोली जिले के प्राथमिक विद्यालय तेफना में हुई थी। वर्तमान में वह जिले के प्राथमिक विद्यालय मालाई, गैरसैंण में तैनात हैं। शिक्षिका के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्रों में ब्राह्मण जाति दर्ज है, जबकि नियुक्ति के दौरान शिक्षा विभाग में जमा दस्तावेजों में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र संलग्न किया गया है। इससे साफ है कि शिक्षिका ने सरकारी नौकरी पाने के लिए यह प्रमाणपत्र लगाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी विवेक पंवार ने बताया कि अभिलेखों की जांच में यह मामला पकड़ में आने पर संबंधित पत्रावलियां उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) नरेश कुमार हल्दियानी का कहना है कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग में चित्रा गौड़ की पहली नियुक्ति वर्ष 2014 में चमोली जिले के प्राथमिक विद्यालय तेफना में हुई थी। वर्तमान में वह जिले के प्राथमिक विद्यालय मालाई, गैरसैंण में तैनात हैं। शिक्षिका के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्रों में ब्राह्मण जाति दर्ज है, जबकि नियुक्ति के दौरान शिक्षा विभाग में जमा दस्तावेजों में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र संलग्न किया गया है। इससे साफ है कि शिक्षिका ने सरकारी नौकरी पाने के लिए यह प्रमाणपत्र लगाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी विवेक पंवार ने बताया कि अभिलेखों की जांच में यह मामला पकड़ में आने पर संबंधित पत्रावलियां उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) नरेश कुमार हल्दियानी का कहना है कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन