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बागेश्वर का उत्तरायणी पर्व राजकीय मेला घोषित
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:53 PM IST
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उत्तरायणी मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते मुख्यमंत्री।
- फोटो : amar ujala
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ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यापारिक महत्व के उत्तरायणी मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बागेश्वर के इस उत्तरायणी मेले को राजकीय मेला घोषित करने की घोषणा की। इससे पूर्व गंगोलीहाटा पहुंचे मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय का नाम शहीद पवन सुगड़ा के नाम पर रखने के साथ ही 25.49 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। इन योजनाओं में धराड़ीकुंड, सांगौर, काने (कोठेरा) पेयजल योजना भी शामिल हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे हेलीकॉप्टर से डिग्री कॉलेज मैदान पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बागनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यहां से मेला स्थल नुमाइशखेत पहुंचकर सीएम ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और सांस्कृतिक मंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर उत्तरायणी मेले का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड में मनाया जाने वाला उत्तरायणी का पर्व हमारी समृद्धि सांस्कृतिक को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह मेला कृषि, किसानी और परंपराओं से जुड़ा है। उन्होंने बागेश्वर के उत्तरायणी मेले को राजकीय मेला घोषित करने, राइंका सिरकोट का नाम स्व. खड़क सिंह बिष्ट के नाम पर करने, बागेश्वर शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए स्मार्ट बिन मशीन देने के अलावा पेयजल योजना के निर्माण की घोषणा की। विधायक चंदन दास ने मांग पत्र पढ़ा। मेले के उद्घाटन में पहुंचे केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि इसी भूमि में कुली बेगार प्रथा का अंत हुआ था। उन्होंने भविष्य में मेले को भव्य स्वरूप देने की बात कही। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति का विकास करना है।
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इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल ने सीएम को शॉल ओढ़ाया और पालिका के सभासदों ने ताम्र कलश प्रदान किया। इस दौरान मेला संरक्षक एवं डीएम रंजना राजगुरु, मेलाधिकारी एसएस राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया, कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, उमेद माजिला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, मनोहर राम, राम सिंह कोरंगा आदि जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बता दें कि उत्तरायणी मेले का समापन 20 जनवरी को होगा।
दो माह में मेडिकल सुविधा से जुड़ेंगे सभी अस्पताल
बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के उद्घाटन अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पताल दो माह में मेडिकल सुविधाओं से जुड़ जाएंगे। सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। राज्य के सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू की यूनिट स्थापित की जा रही है। इसके बाद लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अस्पतालों में 173 डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है।
अगले दो माह में 500 और डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी। सीएम ने कहा कि हर जिला अस्पताल में आईसीयू यूनिट स्थापित करने में 40 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। पिथौरागढ़ जिले में इसका काम शुरू हो चुका है। बागेश्वर में ट्रामा सेंटर खुल गया है। निर्माणाधीन बिजली परियोजना का समाधान कर लिया गया है। इसके निर्माण से जनता के साथ ही सरकार को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि भूमिगत जल में आ रही कमी को देखते हुए नई पेयजल योजनाओं के निर्माण के लिए ग्रेविटी वाली योजनाओं का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है।
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शनिवार को मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे हेलीकॉप्टर से डिग्री कॉलेज मैदान पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बागनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यहां से मेला स्थल नुमाइशखेत पहुंचकर सीएम ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और सांस्कृतिक मंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर उत्तरायणी मेले का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड में मनाया जाने वाला उत्तरायणी का पर्व हमारी समृद्धि सांस्कृतिक को दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि यह मेला कृषि, किसानी और परंपराओं से जुड़ा है। उन्होंने बागेश्वर के उत्तरायणी मेले को राजकीय मेला घोषित करने, राइंका सिरकोट का नाम स्व. खड़क सिंह बिष्ट के नाम पर करने, बागेश्वर शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए स्मार्ट बिन मशीन देने के अलावा पेयजल योजना के निर्माण की घोषणा की। विधायक चंदन दास ने मांग पत्र पढ़ा। मेले के उद्घाटन में पहुंचे केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि इसी भूमि में कुली बेगार प्रथा का अंत हुआ था। उन्होंने भविष्य में मेले को भव्य स्वरूप देने की बात कही। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति का विकास करना है।
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इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल ने सीएम को शॉल ओढ़ाया और पालिका के सभासदों ने ताम्र कलश प्रदान किया। इस दौरान मेला संरक्षक एवं डीएम रंजना राजगुरु, मेलाधिकारी एसएस राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया, कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, उमेद माजिला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, मनोहर राम, राम सिंह कोरंगा आदि जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बता दें कि उत्तरायणी मेले का समापन 20 जनवरी को होगा।
दो माह में मेडिकल सुविधा से जुड़ेंगे सभी अस्पताल
बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के उद्घाटन अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पताल दो माह में मेडिकल सुविधाओं से जुड़ जाएंगे। सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। राज्य के सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू की यूनिट स्थापित की जा रही है। इसके बाद लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अस्पतालों में 173 डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है।
अगले दो माह में 500 और डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी। सीएम ने कहा कि हर जिला अस्पताल में आईसीयू यूनिट स्थापित करने में 40 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। पिथौरागढ़ जिले में इसका काम शुरू हो चुका है। बागेश्वर में ट्रामा सेंटर खुल गया है। निर्माणाधीन बिजली परियोजना का समाधान कर लिया गया है। इसके निर्माण से जनता के साथ ही सरकार को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि भूमिगत जल में आ रही कमी को देखते हुए नई पेयजल योजनाओं के निर्माण के लिए ग्रेविटी वाली योजनाओं का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है।