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किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे जंगली सुअर
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:21 PM IST
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जंगली सुअर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं होने से खेती बाड़ी से गुजर-बसर करने वाले किसान मायूस हैं। जनपद के काफलीगैर और कठपुड़ियाछीना क्षेत्र में जंगली सुअरों का आतंक पिछले लंबे समय से बना हुआ है।
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यहां पर रात में झुंडों की शक्ल में आने वाले सुअर फसलों को तहस-नहस करने के साथ ही खेतों को भी खोद दे रहे हैं। फसलों के साथ ही बाड़ों में बोई गई सब्जी भी सुअरों से सुरक्षित नहीं है। काश्तकार नारायण सिंह और मोहन सिंह ने बताया कि जंगली जानवरों के कारण खेती करना मुश्किल हो गया है। दिन में बंदर खेती को नुकसान पहुंचाते हैं और रात को सुअर। सुअरों से फसलों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग से मांग की गई थी। परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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सुअर फसलों के साथ ही लोगों पर ही हमला करते हैं इसलिए किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा कर पाना मुश्किल होता जा रहा है। साल दर साल सुअरों के हमले बढ़ रहे हैं। सुअरों को मारने के लिए सरकार की ओर से जो रूल बनाए गए हैं वह बेअसर साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने सुअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल सरकार व वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जानवरों से फसलों को होने वाली क्षति को रोकने के लिए जल्दी प्रयास नहीं किए गए तो उन्हें आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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