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किसानों के तीन मुद्दे : जंगली सुअर, बंदर और सिंचाई के लिए नहर
Sat, 19 Jul 2025 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:24 AM IST
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बागेश्वर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रचार जोरशोर से चल रहा है। प्रत्याशी गांव-गांव जाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मतदाता भी दावेदारों के आगे समस्याओं का लंबा-चौड़ा चिट्ठा प्रस्तुत कर उन्हें पूरा कराने का वादा ले रहे हैं। जिले के तीनों विकासखंडों में जंगली सुअर और बंदरों की समस्या प्रमुखता से देखने को मिल रही है।
जिले में नगर से ग्रामीण अंचलों तक बंदर प्रमुख समस्या बन गए है। किसानों का कहना है कि दिन में बंदरों का झुंड और रात में जंगली सुअर फसल, फल और सब्जी नष्ट कर रहे हैं। विधानसभा, लोकसभा चुनाव के अब पंचायत चुनाव प्रत्याशियों के सामने भी यह समस्या प्रमुखता से उठ रही है।
किसानों की एक बड़ी समस्या खस्ताहाल सिंचाई नहरों की भी है। गरुड़, कपकोट, दुगनाकुरी क्षेत्र के प्रत्याशियों के सामने यह समस्या अधिक उठ रही है। शेष गांवों में नए रास्तों का निर्माण कराने, सुरक्षा दीवारों का निर्माण, प्राकृतिक जलस्रोतों के जीर्णोद्धार आदि मुद्दे उठाए जा रहे हैं। कुछ महिला जिपं प्रत्याशियों ने नशे के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाना प्राथमिकता में रखा है।
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जिले में नगर से ग्रामीण अंचलों तक बंदर प्रमुख समस्या बन गए है। किसानों का कहना है कि दिन में बंदरों का झुंड और रात में जंगली सुअर फसल, फल और सब्जी नष्ट कर रहे हैं। विधानसभा, लोकसभा चुनाव के अब पंचायत चुनाव प्रत्याशियों के सामने भी यह समस्या प्रमुखता से उठ रही है।
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किसानों की एक बड़ी समस्या खस्ताहाल सिंचाई नहरों की भी है। गरुड़, कपकोट, दुगनाकुरी क्षेत्र के प्रत्याशियों के सामने यह समस्या अधिक उठ रही है। शेष गांवों में नए रास्तों का निर्माण कराने, सुरक्षा दीवारों का निर्माण, प्राकृतिक जलस्रोतों के जीर्णोद्धार आदि मुद्दे उठाए जा रहे हैं। कुछ महिला जिपं प्रत्याशियों ने नशे के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाना प्राथमिकता में रखा है।
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