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नारी का सम्मान है जहां, समाज का उत्थान है वहां
Sat, 25 May 2019 11:42 PM IST
दीपक नेगी
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 25 May 2019 11:42 PM IST
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बागेश्वर गायत्री विद्या मंदिर में अपराजिता स्लोगन प्रतियोगिता में शामिल बच्चे व शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के अंतर्गत गायत्री विद्या मंदिर बिलौना में महिला सशक्तिकरण पर स्लोगन प्रतियोगिता की गई। प्रतियोगिता में कक्षा छह से आठ तक के 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
शनिवार को स्कूल सभागार में आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्या दुर्गा असवाल ने किया। उन्होंने कहा कि अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के जरिये 10 करोड़ महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे अपनी मां, टीचर, बहन का कहना मानते हैं, घर में भाई बहन एक समान व्यवहार करते हैं तो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद प्रतियोगिता में तरह-तरह के स्लोगन लिखें। पहला पुरस्कार नेहा मेहरा, दूसरा रुचि नगरकोटी और तीसरा पुरस्कार सुमन आर्य ने जीता। जबकि अनामिका, विवेक जोशी और दिया कुमारी ने सांत्वना पुरस्कार जीते। सभी बच्चों को प्रधानाचार्य दुर्गा असवाल ने पुरस्कृत किया। इस दौरान जगदीश जोशी, विवेकानंद पांडे, प्रदीप रावत, हिमांशु, कमल, मीनाक्षी, लता, हेमा, बीना, आदि मौजूद थे।
बच्चों ने लिखे यह स्लोगन
नारी का सम्मान है जहां, समाज का उत्थान है वहां, पुरुष और महिला एक समान, जन जन का यही आह्वान,
अपमान मत करना नारियों का इनके बल पर जग चलता है.. पुरुष जन्म लेकर तो इन्हीं की गोद में पलता है,
मैं भी छू सकती हूं आकाश मौके की मुझे है तलाश, वूमैन क्रियेटस लाइफ, बट स्टिल विदआउट राइटस।
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शनिवार को स्कूल सभागार में आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्या दुर्गा असवाल ने किया। उन्होंने कहा कि अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के जरिये 10 करोड़ महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे अपनी मां, टीचर, बहन का कहना मानते हैं, घर में भाई बहन एक समान व्यवहार करते हैं तो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद प्रतियोगिता में तरह-तरह के स्लोगन लिखें। पहला पुरस्कार नेहा मेहरा, दूसरा रुचि नगरकोटी और तीसरा पुरस्कार सुमन आर्य ने जीता। जबकि अनामिका, विवेक जोशी और दिया कुमारी ने सांत्वना पुरस्कार जीते। सभी बच्चों को प्रधानाचार्य दुर्गा असवाल ने पुरस्कृत किया। इस दौरान जगदीश जोशी, विवेकानंद पांडे, प्रदीप रावत, हिमांशु, कमल, मीनाक्षी, लता, हेमा, बीना, आदि मौजूद थे।
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बच्चों ने लिखे यह स्लोगन
नारी का सम्मान है जहां, समाज का उत्थान है वहां, पुरुष और महिला एक समान, जन जन का यही आह्वान,
अपमान मत करना नारियों का इनके बल पर जग चलता है.. पुरुष जन्म लेकर तो इन्हीं की गोद में पलता है,
मैं भी छू सकती हूं आकाश मौके की मुझे है तलाश, वूमैन क्रियेटस लाइफ, बट स्टिल विदआउट राइटस।