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गांधी के जीवन की पांच घटनाओं पर दी नाट्य प्रस्तुति
Wed, 26 Jun 2019 11:26 PM IST
दीपक नेगी
बागेश्वर।
बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Wed, 26 Jun 2019 11:26 PM IST
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कौसानी के लक्ष्मी आश्रम में नाट्य प्रस्तुति देती बालिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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महात्मा गांधी के कौसानी आगमन के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में लक्ष्मी आश्रम में पांच दिवसीय कार्यक्रम का बुधवार को विधिवत समापन हो गया। इसके अंतर्गत बुधवार को आश्रम में 25 से अधिक बालिकाओं गांधीजी के जीवन की पांच घटनाओं पर नाट्य प्रस्तुति दी।
नेहा जोशी के नेतृत्व में पहली टीम ने गांधीजी के बचपन की घटना इसमें वे अपने शिक्षक के कहने के बावजूद केटल की स्पेलिंग नकल कर सही करने से मना कर देते हैं कि प्रस्तुति की। ज्योत्स्ना के नेतृत्व में दूसरी टीम ने गांधीजी को दक्षिण अफ्रीका में रंग भेदभाव के कारण ट्रेन से बाहर फेंक दिए जाने के दृश्य को पेश किया। तीसरी नाट्य प्रस्तुति तारा के नेतृत्व में की गई इसमें गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका के मूल निवासी बोअर जाति के पक्ष में किए आंदोलन को प्रस्तुत किया। मीनाक्षी के नेतृत्व नमक सत्याग्रह आंदोलन की प्रस्तुति की।
नीमा वैष्णव के नेतृत्व में बालिकाओं ने पांचवीं प्रस्तुति में साबरमती आश्रम में एक दलित परिवार के आगमन पर असमंजस की स्थिति पैदा होना पर गांधीजी का मजबूती से उस परिवार के पक्ष में खड़े रहना और अंत में सबको अपनी बात से सहमत कर लेने को दर्शाया गया है। नाटकों में तारा, दिया, माना, सोनू, दीपिका, प्रियंका के अभिनय ने सभी का मन मोह लिया। अनिरुद्ध, दीपशिक्षा, धनंजय, नेहा ने पांच दिनों के अनुभव साझा किए। रचनात्मक शिक्षक मंडल के राज्य संयोजक नवेंदु मठपाल ने गांधीजी की जीवन पर वृत्तचित्र दिखाते हुए आजादी के आंदोलन के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की। इस दौरान जमना लाल पुरस्कार से नवाजी गई राधा बहन, प्रख्यात फोटोग्राफर थ्रीश कपूर, शोभा, दुर्गा बोरा, तारा कोरंगा, धीरज मेहरा, रमेश रामबसंती आदि मौजूद थे। अंत में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के बेटे अंकुर पांडे के आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया।
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नेहा जोशी के नेतृत्व में पहली टीम ने गांधीजी के बचपन की घटना इसमें वे अपने शिक्षक के कहने के बावजूद केटल की स्पेलिंग नकल कर सही करने से मना कर देते हैं कि प्रस्तुति की। ज्योत्स्ना के नेतृत्व में दूसरी टीम ने गांधीजी को दक्षिण अफ्रीका में रंग भेदभाव के कारण ट्रेन से बाहर फेंक दिए जाने के दृश्य को पेश किया। तीसरी नाट्य प्रस्तुति तारा के नेतृत्व में की गई इसमें गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका के मूल निवासी बोअर जाति के पक्ष में किए आंदोलन को प्रस्तुत किया। मीनाक्षी के नेतृत्व नमक सत्याग्रह आंदोलन की प्रस्तुति की।
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नीमा वैष्णव के नेतृत्व में बालिकाओं ने पांचवीं प्रस्तुति में साबरमती आश्रम में एक दलित परिवार के आगमन पर असमंजस की स्थिति पैदा होना पर गांधीजी का मजबूती से उस परिवार के पक्ष में खड़े रहना और अंत में सबको अपनी बात से सहमत कर लेने को दर्शाया गया है। नाटकों में तारा, दिया, माना, सोनू, दीपिका, प्रियंका के अभिनय ने सभी का मन मोह लिया। अनिरुद्ध, दीपशिक्षा, धनंजय, नेहा ने पांच दिनों के अनुभव साझा किए। रचनात्मक शिक्षक मंडल के राज्य संयोजक नवेंदु मठपाल ने गांधीजी की जीवन पर वृत्तचित्र दिखाते हुए आजादी के आंदोलन के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की। इस दौरान जमना लाल पुरस्कार से नवाजी गई राधा बहन, प्रख्यात फोटोग्राफर थ्रीश कपूर, शोभा, दुर्गा बोरा, तारा कोरंगा, धीरज मेहरा, रमेश रामबसंती आदि मौजूद थे। अंत में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के बेटे अंकुर पांडे के आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया।
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