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कोरोना को लेकर गांव के लोग बेहद सतर्क
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बागेश्वर आरे मंडलसेरा बाइपास के पास महानगरों से आए यात्रियों की जांच करते डॉक्टर। संवाद न्यूज ए?
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर देश, प्रदेश की सरकार के साथ ही हर कोई चिंतित है। पहाड़ में हर कोई वारयस को लेकर सतर्क हैं। बाहरी प्रदेशों से लौट रहे गांवों के लोगों की बाकायदा गांवों में लिस्ट बनाई जा रही है। तमाम गांवों के प्रधान भी इस काम में सक्रिय हैं। गांव लौट रहे लोगों पर गांव के लोग स्वयं निगाह रख रहे हैं।
गरुड़ विकासखंड के पिंगलो में बाकायदा बाहर से गांव लौटने वाले लोगों की सूची तैयार की गई है। सूची में गांव लौटने वाले व्यक्ति का नाम, कहां से लौटा, कब लौटा आदि विवरण रखे जा रहे हैं। अब तक पिंगलो में दिल्ली, मुंबई, फरीदाबाद से 14 लोग लौटे हैं। बागेश्वर के बहुली में 10 लोग बाहरी प्रदेशों से लौटे हैं। मझेड़ा में 3 लोग बाहर से लौटे हैं।
स्यूनी में दो, अमसरकोट में एक, नौगांव में सात, बिजोरीखाल में आठ और धैना में एक व्यक्ति लौटा हैं। चौहना व सिमी नरगोल में 16, बमराड़ी में पांच, भटखोला में 10, सेल्टा में नौ और रियुनी व लखमार गांव में 28 लोग कोरोना वायरस के चलते गांव लौटे हैं। इन लोगों का बाकायदा गांव में रिकार्ड रखा जा रहा है और सरकारी अमले को सूचना दी जा रही है। गांव लौटने वालों में अधिकांश युवा हैं, जो महानगरों में नौकरी करते हैं। गांव लौटने वाले लोगों को घर में ही क्वारंटीन में रखा गया है।
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नायलमाफी गांव में हो रहा कीटनाशक का छिड़काव
बागेश्वर। नायलमाफी के ग्राम प्रधान रिटायर्ड मेजर प्रेम बल्लभ के नेतृत्व में गांव में कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। युवा गांव को कीटनाशक रहित बनाने के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं। ग्राम प्रधान ने कहा कि स्वच्छता से अन्य बीमारियों को भी भगाया जा सकता है।
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गरुड़ विकासखंड के पिंगलो में बाकायदा बाहर से गांव लौटने वाले लोगों की सूची तैयार की गई है। सूची में गांव लौटने वाले व्यक्ति का नाम, कहां से लौटा, कब लौटा आदि विवरण रखे जा रहे हैं। अब तक पिंगलो में दिल्ली, मुंबई, फरीदाबाद से 14 लोग लौटे हैं। बागेश्वर के बहुली में 10 लोग बाहरी प्रदेशों से लौटे हैं। मझेड़ा में 3 लोग बाहर से लौटे हैं।
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स्यूनी में दो, अमसरकोट में एक, नौगांव में सात, बिजोरीखाल में आठ और धैना में एक व्यक्ति लौटा हैं। चौहना व सिमी नरगोल में 16, बमराड़ी में पांच, भटखोला में 10, सेल्टा में नौ और रियुनी व लखमार गांव में 28 लोग कोरोना वायरस के चलते गांव लौटे हैं। इन लोगों का बाकायदा गांव में रिकार्ड रखा जा रहा है और सरकारी अमले को सूचना दी जा रही है। गांव लौटने वालों में अधिकांश युवा हैं, जो महानगरों में नौकरी करते हैं। गांव लौटने वाले लोगों को घर में ही क्वारंटीन में रखा गया है।
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नायलमाफी गांव में हो रहा कीटनाशक का छिड़काव
बागेश्वर। नायलमाफी के ग्राम प्रधान रिटायर्ड मेजर प्रेम बल्लभ के नेतृत्व में गांव में कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। युवा गांव को कीटनाशक रहित बनाने के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं। ग्राम प्रधान ने कहा कि स्वच्छता से अन्य बीमारियों को भी भगाया जा सकता है।