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नियमितीकरण के लिए धरना जारी
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बागेश्वर में हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते मनरेगा कर्मी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। नियमितीकरण की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने ब्लॉक कार्यालय परिसर में धरना देकर सरकार से उनकी एकसूत्रीय मांग पूरी करने को कहा। आंदोलन को ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी समर्थन दिया। सरकार से जल्द कर्मचारियों की समस्याओं का निदान करने की मांग की।
उत्तराखंड मनरेगा कार्मिक संगठन की जिला इकाई एक सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। मनरेगा कार्मिकों का कहना है कि लंबे समय से नियमितीकरण को लेकर आवाज उठाई जा रही है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मनरेगा कर्मचारियों मांग को जायज ठहराया है। मंगलवार को धरने में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष विनोद कुमार टम्टा, हरीश चंद्र सिंह दानू, मोहन राम, नरेंद्र सिंह परिहार, हिमांशु नेगी, गणेश सिंह, नीरज गिरी गोस्वामी, हिमांशु कोहली आदि थे।
ब्लाक मुख्यालयों पर धरना देकर किया प्रदर्शन
अल्मोड़ा/भिकियासैंण/मौलेखाल/रानीखेत। ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग में समायोजित करने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर दूसरे दिन भी मनरेगा कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। आंदोलित मनरेगा कर्मियों ने अपने-अपने ब्लाक मुख्यालयों में धरना देकर नारेबाजी की।
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मनरेगा योजना में कार्यरत उप कार्यक्रम अधिकारी, अवर अभियंता, कंप्यूटर ऑपरेटर, रोजगार सेवक समेत अन्य मनरेगा कार्मिक दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। मनरेगा कर्मी ग्राम विकास और पंचायती राज विभाग में समायोजित किया करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ईपीएफ, बीमा, स्वास्थ समेत सभी सुविधाएं सरकारी कर्मचारियों की तरह उन्हें भी देने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। उनका आरोप है कि मनरेगा कर्मियों को बिना भत्ता दिए दूसरे स्थानों पर तबादला किया जा रहा है। मांग उठाई है कि कार्मिकों क उनके मूल तैनाती स्थान पर वापस भेजा जाए।
मनरेगा कर्मियों ने भिकियासैंण विकासखंड मुख्यालय पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा। धरने में ब्लाक अध्यक्ष मनोज जोशी, गोपाल ध्यानी, सुंदर परिहार, हेमंत रौतेला, दान सिंह नेगी, चंदन सिंह, जीवन सिंह आदि शामिल रहे।
उधर सल्ट ब्लाक मुख्यालय में मनरेगा कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी धरना दिया इस। वहां गंभीर चंद्र रमोला, सुंदर वर्मा, चंद्रमोहन रावत, अजय गोस्वामी, पंकज सिंह, राजेश गौड़, नितिन प्रकाश, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे। हवालबाग ब्लाक मुख्यालय पर भी मनरेगा कर्मचारी धरने पर बैठे।
समायोजन, नियमितीकरण सहित तमाम मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारी संगठन के बैनर तले ताड़ीखेत के मनरेगा कर्मचारी बेमियादी हड़ताल जारी है। यहां ब्लाक अध्यक्ष ललित मोहन सती, धीरज भट्ट, संदीप पांडे, विजय मोहन, प्रदीप कुमार, नीरज गिरी, कमलेश पांडे, विनोद पांडे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
हड़ताल के चलते गांव में प्रभावित हो रहे मनरेगा कार्य
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने लगा है। मनरेगा संबंधी कार्य गांव में प्रभावित होने लगे हैं। ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मनरेगा कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सार्थक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वित्तीय वर्ष के आखिर में हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राम संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष प्रमिला देवी के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी दीप जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भेजे ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तमाम विकास कार्य प्रभावित होने लगे हैं। ज्ञापन में अध्यक्ष प्रमिला देवी का कहना है कि वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में हड़ताल के चलते गांवों में विकास कार्य ठप होने की आशंका बनी हुई है। प्रधानों के समक्ष भी परेशानी खड़ी हो रही है। गांवों में मनरेगा के कार्य प्रगति पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सभी कार्य लंबित रह जाएंगे। उन्होंने मनरेगा कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रधान राजेश कुमार, मंजीत भगत, हेमा कुवार्बी, बना उपाध्याय आदि के हस्ताक्षर थे।
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उत्तराखंड मनरेगा कार्मिक संगठन की जिला इकाई एक सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। मनरेगा कार्मिकों का कहना है कि लंबे समय से नियमितीकरण को लेकर आवाज उठाई जा रही है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है। ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मनरेगा कर्मचारियों मांग को जायज ठहराया है। मंगलवार को धरने में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष विनोद कुमार टम्टा, हरीश चंद्र सिंह दानू, मोहन राम, नरेंद्र सिंह परिहार, हिमांशु नेगी, गणेश सिंह, नीरज गिरी गोस्वामी, हिमांशु कोहली आदि थे।
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ब्लाक मुख्यालयों पर धरना देकर किया प्रदर्शन
अल्मोड़ा/भिकियासैंण/मौलेखाल/रानीखेत। ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग में समायोजित करने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर दूसरे दिन भी मनरेगा कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। आंदोलित मनरेगा कर्मियों ने अपने-अपने ब्लाक मुख्यालयों में धरना देकर नारेबाजी की।
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मनरेगा योजना में कार्यरत उप कार्यक्रम अधिकारी, अवर अभियंता, कंप्यूटर ऑपरेटर, रोजगार सेवक समेत अन्य मनरेगा कार्मिक दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। मनरेगा कर्मी ग्राम विकास और पंचायती राज विभाग में समायोजित किया करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ईपीएफ, बीमा, स्वास्थ समेत सभी सुविधाएं सरकारी कर्मचारियों की तरह उन्हें भी देने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। उनका आरोप है कि मनरेगा कर्मियों को बिना भत्ता दिए दूसरे स्थानों पर तबादला किया जा रहा है। मांग उठाई है कि कार्मिकों क उनके मूल तैनाती स्थान पर वापस भेजा जाए।
मनरेगा कर्मियों ने भिकियासैंण विकासखंड मुख्यालय पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा। धरने में ब्लाक अध्यक्ष मनोज जोशी, गोपाल ध्यानी, सुंदर परिहार, हेमंत रौतेला, दान सिंह नेगी, चंदन सिंह, जीवन सिंह आदि शामिल रहे।
उधर सल्ट ब्लाक मुख्यालय में मनरेगा कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी धरना दिया इस। वहां गंभीर चंद्र रमोला, सुंदर वर्मा, चंद्रमोहन रावत, अजय गोस्वामी, पंकज सिंह, राजेश गौड़, नितिन प्रकाश, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे। हवालबाग ब्लाक मुख्यालय पर भी मनरेगा कर्मचारी धरने पर बैठे।
समायोजन, नियमितीकरण सहित तमाम मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारी संगठन के बैनर तले ताड़ीखेत के मनरेगा कर्मचारी बेमियादी हड़ताल जारी है। यहां ब्लाक अध्यक्ष ललित मोहन सती, धीरज भट्ट, संदीप पांडे, विजय मोहन, प्रदीप कुमार, नीरज गिरी, कमलेश पांडे, विनोद पांडे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
हड़ताल के चलते गांव में प्रभावित हो रहे मनरेगा कार्य
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने लगा है। मनरेगा संबंधी कार्य गांव में प्रभावित होने लगे हैं। ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मनरेगा कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सार्थक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वित्तीय वर्ष के आखिर में हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राम संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष प्रमिला देवी के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी दीप जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भेजे ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि मनरेगा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तमाम विकास कार्य प्रभावित होने लगे हैं। ज्ञापन में अध्यक्ष प्रमिला देवी का कहना है कि वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में हड़ताल के चलते गांवों में विकास कार्य ठप होने की आशंका बनी हुई है। प्रधानों के समक्ष भी परेशानी खड़ी हो रही है। गांवों में मनरेगा के कार्य प्रगति पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सभी कार्य लंबित रह जाएंगे। उन्होंने मनरेगा कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रधान राजेश कुमार, मंजीत भगत, हेमा कुवार्बी, बना उपाध्याय आदि के हस्ताक्षर थे।