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कहीं डाक्टर नहीं तो कहीं जंक खा रहे महंगे उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:51 PM IST
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रानीखेत में इस तरह से जंक खा रही डिजिटल एक्सरे मशीन
- फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत के राजकीय अस्पताल की डिजिटल एक्सरे मशीन वर्षों से खराब पड़ी हुई है। इस खराबी को इंजीनियर भी नहीं पकड़ पा रहा है। लाखों की यह मशीन जंक खा रही है। दूसरी तरफ द्वाराहाट तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विभाग ने अल्ट्रासाउंड मशीन तो मंगा दी गई, लेकिन 2004 से यहां भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। यह मशीन भी शो पीस बनी हुई है।
राज्य बनने के बाद लोगों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अमूल चूक परिवर्तन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया है। पहाड़ में एक के बाद एक अस्पताल खोले गए, लेकिन सुविधाएं सिफर। किसी अस्पताल में डाक्टर नहीं हैं तो कहीं उपकरण नहीं हैं। रानीखेत उपमंडल का सबसे बड़ा राजकीय अस्पताल में 2010 में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई। महानिदेशालय की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए गए। लेेकिन अस्पताल में लगने के कुछ माह बाद मशीन जवाब दे गई।
इसके बाद इसे ठीक कराया। कुछ दिन चलने के बाद यह फिर मशीन खराब हो गई। 2015 कुछ एक्सरे जरूर हुए, लेकिन तब से मशीन ठप पड़े हुए हैं। जबकि यहां तकनीशियन हैं। अधीक्षक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि इंजीनियर की समझ में फाल्ट नहीं आ रहा है। दूसरी द्वाराहाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 लाख की लागत से स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन शो पीस बनी हुई है। 2004 में स्थापित इस मशीन को संचालित करने के लिए आज तक रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं हो सकी। कई बार लोगों ने आंदोलन किए। दो साल पहले महीने में दो दिन के लिए दूसरे क्षेत्र से रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था कराई गई, कुछ समय बाद से यह व्यवस्था जवाब दे गई है। अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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वर्जन
-रेडियोलाजिस्ट की कमी पूरे जिले में ही है। रानीखेत राजकीय अस्पताल स्थित खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन को ठीक कराने के प्रयास चल रहे हैं। कुछ दिन पूर्व इंजीनियर को मशीन दिखा दी गई है। मशीन जल्द से जल्द ठीक हो इसके लिए सार्थक कदम उठाए जाएंगे।- डॉ. विनीता शाह, सीएमओ, अल्मोड़ा
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राज्य बनने के बाद लोगों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अमूल चूक परिवर्तन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया है। पहाड़ में एक के बाद एक अस्पताल खोले गए, लेकिन सुविधाएं सिफर। किसी अस्पताल में डाक्टर नहीं हैं तो कहीं उपकरण नहीं हैं। रानीखेत उपमंडल का सबसे बड़ा राजकीय अस्पताल में 2010 में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई। महानिदेशालय की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए गए। लेेकिन अस्पताल में लगने के कुछ माह बाद मशीन जवाब दे गई।
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इसके बाद इसे ठीक कराया। कुछ दिन चलने के बाद यह फिर मशीन खराब हो गई। 2015 कुछ एक्सरे जरूर हुए, लेकिन तब से मशीन ठप पड़े हुए हैं। जबकि यहां तकनीशियन हैं। अधीक्षक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि इंजीनियर की समझ में फाल्ट नहीं आ रहा है। दूसरी द्वाराहाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 लाख की लागत से स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन शो पीस बनी हुई है। 2004 में स्थापित इस मशीन को संचालित करने के लिए आज तक रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं हो सकी। कई बार लोगों ने आंदोलन किए। दो साल पहले महीने में दो दिन के लिए दूसरे क्षेत्र से रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था कराई गई, कुछ समय बाद से यह व्यवस्था जवाब दे गई है। अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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-रेडियोलाजिस्ट की कमी पूरे जिले में ही है। रानीखेत राजकीय अस्पताल स्थित खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन को ठीक कराने के प्रयास चल रहे हैं। कुछ दिन पूर्व इंजीनियर को मशीन दिखा दी गई है। मशीन जल्द से जल्द ठीक हो इसके लिए सार्थक कदम उठाए जाएंगे।- डॉ. विनीता शाह, सीएमओ, अल्मोड़ा