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Bageshwar: फौजी पिता का छलका दर्द, दिनेश बोले- अगर समय पर इलाज मिलता तो शायद आज मेरा बेटा जिंदा होता

Wed, 30 Jul 2025 01:27 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर
अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 30 Jul 2025 01:27 PM IST
सार

अपने बेटे के अंतिम संस्कार के बाद फौजी दिनेश चन्द्र ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक वीडियो साझा किया। यह वीडियो सिर्फ शिकायत नहीं, सिस्टम से सीधा सवाल है।

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Soldier Dinesh said If he had got timely treatment perhaps my son would have been alive today in bageshwar
शुभांशु जोशी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपने बेटे के अंतिम संस्कार के बाद फौजी दिनेश चन्द्र ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक वीडियो साझा किया। यह वीडियो सिर्फ शिकायत नहीं, सिस्टम से सीधा सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकारें वादे तो करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक एंबुलेंस समय पर नहीं मिलती। अगर समय पर इलाज मिलता तो शायद आज मेरा बेटा जिंदा होता।

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दिनेश चंद्र ने बागेश्वर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दिनेश ने जब फोन कर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र घटियाल से एंबुलेंस के देर में आने के कारण के बारे में जानकारी ली तो उनकी ओर से जवान को एंबुलेंस के बारे में कोई जवाब न दे पाने की स्थिति बताई गई। दिनेश ने आरोप लगाया है कि उनके साथ अभ्रद व्यवहार किया गया। जिससे वह काफी आहत हुए। यह सिर्फ एक पिता का दुख नहीं है। यह उस लापरवाह सिस्टम की स्याह तस्वीर है जो किसी की जान जाने के बाद ही हिलता-डुलता है।
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उठ रहे सवाल

  1. बच्चे को एक के बाद एक पांच अस्पतालों में रेफर किया गया। यह दर्शाता है कि स्थानीय सरकारी अस्पताल सक्षम नहीं है? आखिर प्राथमिक इलाज देने में भी डॉक्टर इतने असहाय क्यों?
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  3. एक मासूम की जान उस एंबुलेंस के इंतजार में चली गई तो कौन जिम्मेदार है? इमरजेंसी की स्थिति में इसका विकल्प क्यों तैयार नहीं रहता?
  4. फौजी पिता का दावा है कि इमरजेंसी में सहयोग नहीं किया गया और अभद्रता भी की गई। अस्पताल स्टाफ की संवेदनहीनता और व्यवहार पर कोई निगरानी क्यों नहीं?
  5. सीएमएस का कहना है कि आधे घंटे में अगर 108 नहीं पहुंचती तो उनकी एंबुलेंस भेजी जाती है। सवाल है कि उस दिन क्यों नहीं भेजी गई?
  6. अगर डीएम को फोन न किया गया होता तो शायद बच्चे को एंबुलेंस भी नसीब नहीं होती। क्या जिलाधिकारी के आदेश के बिना कोई सेवा समय पर नहीं मिल सकती?
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