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निर्माणाधीन सड़क से आवासीय भवनों को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:43 PM IST
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कपकोट में तोली में निर्माणाधीन सड़क का मलबा-बोल्डर और नीचे बसे आवासीय मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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पीएमजीएसवाई के तहत निर्माणाधीन तोली-बघर मोटर मार्ग से निकला मलबा और बोल्डर तोली के छह मकानों और सरकारी स्कूल के लिए खतरा बना है। मकान और स्कूल मलबे की जद में आ गए हैं। निर्माणाधीन सड़क पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। प्रभावितों ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
निर्माणाधीन सड़क मार्ग से नीचे बसे गांव के आवासीय भवनों पर कभी भी मलबा और बोल्डर गिर सकता है। गांव में नारायण सिंह, रघुवर सिंह, लछम सिंह, गुमान सिंह, शिव सिंह, दान सिंह के मकान खतरे की जद में हैं। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंचायत भवन पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
इस बीच कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेपं सदस्य प्रकाश जोशी और प्रधान विमला देवी समेत ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसडीएम ने बताया कि संभावित खतरे का परीक्षण कराया जा रहा है।
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बघर के ग्रामीण भी जता रहे खतरे की आशंका
निर्माणाधीन सड़क से लगातार हो रहे भूस्खलन को लेकर बघर के ग्रामीण भी लगातार आवाज उठा रहे हैं। बघर में भी एक दर्जन से अधिक आवासीय भवन खतरे की जद में हैं। भवन निर्माण के मलबे से कुछ ग्रामीणों की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था, ठेकेदार पर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीण समस्या को लेकर पिछले दिनों दौरे पर आए केंद्रीय राज्यमंत्री का घेराव भी कर चुके हैं।
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निर्माणाधीन सड़क मार्ग से नीचे बसे गांव के आवासीय भवनों पर कभी भी मलबा और बोल्डर गिर सकता है। गांव में नारायण सिंह, रघुवर सिंह, लछम सिंह, गुमान सिंह, शिव सिंह, दान सिंह के मकान खतरे की जद में हैं। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंचायत भवन पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
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इस बीच कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेपं सदस्य प्रकाश जोशी और प्रधान विमला देवी समेत ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसडीएम ने बताया कि संभावित खतरे का परीक्षण कराया जा रहा है।
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बघर के ग्रामीण भी जता रहे खतरे की आशंका
निर्माणाधीन सड़क से लगातार हो रहे भूस्खलन को लेकर बघर के ग्रामीण भी लगातार आवाज उठा रहे हैं। बघर में भी एक दर्जन से अधिक आवासीय भवन खतरे की जद में हैं। भवन निर्माण के मलबे से कुछ ग्रामीणों की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था, ठेकेदार पर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीण समस्या को लेकर पिछले दिनों दौरे पर आए केंद्रीय राज्यमंत्री का घेराव भी कर चुके हैं।