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Bageshwar News: परिसर की क्षतिग्रस्त छतों की जल्द होगी मरम्मत
Wed, 15 Jan 2025 12:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 15 Jan 2025 12:10 AM IST
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बागेश्वर। पंडित बीडी पांडेय परिसर में अब विद्यार्थियों को क्षतिग्रस्त छत के नीचे नहीं पढ़ना पड़ेगा।
विश्वविद्यालय ने मरम्मत कार्यों के लिए 10 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। वर्ष 1974 में पंडित बीडी पांडेय परिसर की स्थापना की गई थी।
परिसर में निर्मित भवनों की समय से मरम्मत न होने के कारण भवन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मुख्य भवन की छत में लगी लकड़ियां जगह-जगह से टूट चुकी हैं, जीव विज्ञान भवन की छत में टीन को सहारा देने के लिए अंदर से लगा लकड़ियों का ढांचा भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिससे बारिश के दौरान प्रयोगशाला और बरामदे में जल रिसाव की समस्या देखने को मिलती है।
50 साल पूर्व छतों में बिछाई गई टीन भी खराब हो चुकी है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने परिसर में छतों की मरम्मत के 10 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।
इधर, बीडी पांडेय परिसर के निदेशक प्रो जीसी शाह ने बताया कि आचार संहिता हटाए जाने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कर मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय ने मरम्मत कार्यों के लिए 10 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। वर्ष 1974 में पंडित बीडी पांडेय परिसर की स्थापना की गई थी।
परिसर में निर्मित भवनों की समय से मरम्मत न होने के कारण भवन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मुख्य भवन की छत में लगी लकड़ियां जगह-जगह से टूट चुकी हैं, जीव विज्ञान भवन की छत में टीन को सहारा देने के लिए अंदर से लगा लकड़ियों का ढांचा भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिससे बारिश के दौरान प्रयोगशाला और बरामदे में जल रिसाव की समस्या देखने को मिलती है।
50 साल पूर्व छतों में बिछाई गई टीन भी खराब हो चुकी है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने परिसर में छतों की मरम्मत के 10 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।
इधर, बीडी पांडेय परिसर के निदेशक प्रो जीसी शाह ने बताया कि आचार संहिता हटाए जाने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कर मरम्मत का कार्य किया जाएगा।