{"_id":"5bc77c7ebdec22694a53bb8e","slug":"ravan-did-defeat-sita","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावण ने किया सीता का हरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावण ने किया सीता का हरण
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Wed, 17 Oct 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : बागेश्वर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री रामलीला कमेटी की ओर से यहां चल रही रामलीला में सीता हरण और बाली वध समेत कई दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला को देखने के दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं।
नुमाइशखेत स्थित रामलीला भवन चल रही रामलीला में मंगलवार की शाम रावण द्वारा सीता का हरण किया। सीता की खोज में निकले राम की सेना के पंपापुर पहुंचने, सुग्रीव से मित्रता, श्री राम द्वारा बाली का वध करने के दृश्य का मंचन किया गया। राम की भूमिका सूरज बिष्ट, सीता तुषार दफौटी, बाली आशीष साह, सुग्रीव संजय जोशी, रावण गुलशन कक्कड और बाली की भूमिका आशीष साह ने निभाई। वहां कमेटी के अध्यक्ष मनोज पांडे, कंचन साह, कौशल उपाध्याय, अनिल साह, तारू पांडे, नवीन साह, मनोज जोशी और अंकुर उपाध्याय थे।
आकर्षण का केंद्र बना 55 फीट लंबा रावण का पुतला
बागेश्वर। श्री रामलीला कमेटी की ओर से यहां इस बार 55 फीट लंबे रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। लोग पुतले को देर तक टकटकी लगाकर देेख रहे हैं। अहिरावण, खर, दूषण और कुंभकर्ण के पुतले भी बनाए गए हैं। पुतलों को विजयादशमी की को जलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नुमाइशखेत स्थित रामलीला भवन चल रही रामलीला में मंगलवार की शाम रावण द्वारा सीता का हरण किया। सीता की खोज में निकले राम की सेना के पंपापुर पहुंचने, सुग्रीव से मित्रता, श्री राम द्वारा बाली का वध करने के दृश्य का मंचन किया गया। राम की भूमिका सूरज बिष्ट, सीता तुषार दफौटी, बाली आशीष साह, सुग्रीव संजय जोशी, रावण गुलशन कक्कड और बाली की भूमिका आशीष साह ने निभाई। वहां कमेटी के अध्यक्ष मनोज पांडे, कंचन साह, कौशल उपाध्याय, अनिल साह, तारू पांडे, नवीन साह, मनोज जोशी और अंकुर उपाध्याय थे।
विज्ञापन
आकर्षण का केंद्र बना 55 फीट लंबा रावण का पुतला
बागेश्वर। श्री रामलीला कमेटी की ओर से यहां इस बार 55 फीट लंबे रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। लोग पुतले को देर तक टकटकी लगाकर देेख रहे हैं। अहिरावण, खर, दूषण और कुंभकर्ण के पुतले भी बनाए गए हैं। पुतलों को विजयादशमी की को जलाया जाएगा।
विज्ञापन