{"_id":"64553e28113a7ea84f075368","slug":"rain-in-kapkot-bageshwar-bageshwar-news-c-8-1-131681-2023-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: किसानों की मेहनत पर ओले की मार, साल भर की मेहनत पल में बेकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: किसानों की मेहनत पर ओले की मार, साल भर की मेहनत पल में बेकार
Fri, 05 May 2023 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 05 May 2023 11:04 PM IST
विज्ञापन
कपकोट के कई गांवों में किसानों की मेहनत पर ओलों की मार पड़ी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। इस साल प्रकृति किसानों के लिए विपरीत साबित हो रही है। गर्मी के मौसम में लोग जहां बारिश से बेहाल हैं, वहीं कपकोट के कई गांवों में किसानों की मेहनत पर ओलों की मार पड़ी है। ओलावृष्टि से कनलगढ़ घाटी के पुड़कूनी गांव में फसलों को भारी काफी नुकसान हुआ। क्षेत्र के पौंसारी, सुमटि, बैसानी, कन्यालीकोट, जगथाना, चचई आदि गांवों में भी ओले गिरे।
रेवती घाटी के नौकोड़ी, सीरी के किसानों को भी ओलावृष्टि से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। क्षेत्र के कीवी उत्पादक परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है ओले गिरने से खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। सब्जियां भी ओलों की मार से नहीं बच सकी हैं।
ओलावृष्टि से होगा काफी नुकसान
बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. कमल कुमार पांडेय कहते हैं कि ओलावृष्टि से खेती, बागवानी को काफी नुकसान होता है। जितनी मात्रा में कपकोट के गांवों में ओले गिरे हैं निश्चित तौर पर उससे किसानों को काफी नुकसान होगा। खेत में खड़ी गेहूं की फसल 50 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हो गई होगी। कीवी के फूल और विकसित होते फल, आड़ू, पुलम, नींबू, संतार के फूल और फल, शिमला मिर्च, बीन, टमाटर, आलू, प्याज आदि सब्जियों पर ओलावृष्टि की चपेट में आकर बर्बाद हुए हैं। मौसम का बदलता मिजाज किसानों पर भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
एक घंटे तक लगातार ओले गिरने के बाद सब कुछ सफेद हो गया। फसल के खेत और सूखी जमीन का अंतर करना मुश्किल था। ओलावृष्टि में खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। फल और सब्जी भी चौपट होने से काफी नुकसान हुआ है। - रतन सिंह, काश्तकार, पुड़कूनी।
ओलावृष्टि से गेहूं, जौ की फसल, संतरा, नींबू, माल्टा, बीन, शिमला मिर्च आदि चौपट हो गई है। खेेती से आजीविका चलाने वालों के लिए यह दोहरी मार है। एक ओर आय का जरिया नष्ट हो गया है, वहीं दूसरी ओर मेहनत और फसल उगाने में आई लागत भी ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। - जमन सिंह, काश्तकार, पुड़कूनी।
आपदा प्रभावित को बांटी राहत सामग्री
बागेश्वर। जिले के आपदा प्रभावितों की मदद के लिए रेडक्रॉस सोसायटी लगातार कार्य कर रही है। शुक्रवार को स्वयंसेवियों ने गरुड़ के बंतोली में आपदा प्रभावित परिवार को राहत सामग्री बांटी।
रेडक्रॉस के जिला सचिव आलोक पांडेय के नेतृत्व में स्वयंसेवियों की टीम बंतोली गांव पहुंची और आपदा प्रभावित रेखा देवी पत्नी स्व. दया कृष्ण का हालचाल जाना। सचिव पांडेय ने बताया कि महिला का मकान पांच दिन पहले गिर गया था। सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर महिला को ओंट, कंबल, बर्तन आदि सामग्री प्रदान की गई है। महिला ने मदद के लिए स्वयंसेवियों का आभार जताया। इस मौके पर प्रदेश प्रतिनिधि दीपक पाठक, जिला कार्यकारिणी सदस्य उमेश जोशी, कन्हैया वर्मा, महेश पंत, योगेश गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रेवती घाटी के नौकोड़ी, सीरी के किसानों को भी ओलावृष्टि से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। क्षेत्र के कीवी उत्पादक परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है ओले गिरने से खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। सब्जियां भी ओलों की मार से नहीं बच सकी हैं।
विज्ञापन
ओलावृष्टि से होगा काफी नुकसान
बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. कमल कुमार पांडेय कहते हैं कि ओलावृष्टि से खेती, बागवानी को काफी नुकसान होता है। जितनी मात्रा में कपकोट के गांवों में ओले गिरे हैं निश्चित तौर पर उससे किसानों को काफी नुकसान होगा। खेत में खड़ी गेहूं की फसल 50 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हो गई होगी। कीवी के फूल और विकसित होते फल, आड़ू, पुलम, नींबू, संतार के फूल और फल, शिमला मिर्च, बीन, टमाटर, आलू, प्याज आदि सब्जियों पर ओलावृष्टि की चपेट में आकर बर्बाद हुए हैं। मौसम का बदलता मिजाज किसानों पर भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
एक घंटे तक लगातार ओले गिरने के बाद सब कुछ सफेद हो गया। फसल के खेत और सूखी जमीन का अंतर करना मुश्किल था। ओलावृष्टि में खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। फल और सब्जी भी चौपट होने से काफी नुकसान हुआ है। - रतन सिंह, काश्तकार, पुड़कूनी।
ओलावृष्टि से गेहूं, जौ की फसल, संतरा, नींबू, माल्टा, बीन, शिमला मिर्च आदि चौपट हो गई है। खेेती से आजीविका चलाने वालों के लिए यह दोहरी मार है। एक ओर आय का जरिया नष्ट हो गया है, वहीं दूसरी ओर मेहनत और फसल उगाने में आई लागत भी ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। - जमन सिंह, काश्तकार, पुड़कूनी।
आपदा प्रभावित को बांटी राहत सामग्री
बागेश्वर। जिले के आपदा प्रभावितों की मदद के लिए रेडक्रॉस सोसायटी लगातार कार्य कर रही है। शुक्रवार को स्वयंसेवियों ने गरुड़ के बंतोली में आपदा प्रभावित परिवार को राहत सामग्री बांटी।
रेडक्रॉस के जिला सचिव आलोक पांडेय के नेतृत्व में स्वयंसेवियों की टीम बंतोली गांव पहुंची और आपदा प्रभावित रेखा देवी पत्नी स्व. दया कृष्ण का हालचाल जाना। सचिव पांडेय ने बताया कि महिला का मकान पांच दिन पहले गिर गया था। सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर महिला को ओंट, कंबल, बर्तन आदि सामग्री प्रदान की गई है। महिला ने मदद के लिए स्वयंसेवियों का आभार जताया। इस मौके पर प्रदेश प्रतिनिधि दीपक पाठक, जिला कार्यकारिणी सदस्य उमेश जोशी, कन्हैया वर्मा, महेश पंत, योगेश गोस्वामी आदि मौजूद रहे।